छत्तीसगढ़

ऐतिहासिक सफलता! धमतरी जिले में शत-प्रतिशत पेयजल व्यवस्था, हर गांव-बसाहट तक पहुंचा पानी

By Admin|02 Sep 2025, 4:52 PM
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 विशेष लेख : रजत जयंती वर्ष 2025 पर विशेष

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धमतरी

छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। विगत 25 वर्षों में जिले के जल संसाधन एवं पेयजल आपूर्ति विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2001 की तुलना में 2025 तक ग्रामीण एवं नगरीय दोनों क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर जहाँ पहले केवल तीन इकाइयाँ कार्यरत थीं, वहीं आज चार इकाइयाँ संचालित हो रही हैं। इनमें एक संभागीय कार्यालय, एक उप-संभागीय कार्यालय, एक जिला स्तरीय एवं दो ब्लॉक स्तरीय पेयजल परीक्षण प्रयोगशालाएँ सम्मिलित हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों की उपलब्धियाँ

धमतरी जिले के सभी 623 ग्राम एवं 3,265 बसाहटों में अब शत-प्रतिशत पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वर्ष 2001 में केवल 2,769 ग्राम एवं बसाहटों तक ही पेयजल सुविधा पहुँच पाई थी, जबकि आज सभी 3,265 बसाहटें कवर हो चुकी हैं। विशेष उपलब्धि यह है कि जिले ने प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर पेयजल उपलब्ध कराने का मानक भी पूरा कर लिया है। वर्ष 2001 में यह सुविधा मात्र 2,622 बसाहटों तक सीमित थी, लेकिन आज सभी 3,265 बसाहटें इस मानक के अंतर्गत आ चुकी हैं।

जिले में हैंडपंप स्थापना में भी बड़ी प्रगति हुई है। वर्ष 2001 में जहाँ केवल 3,451 हैंडपंप उपलब्ध थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 10,168 हो गई है। हर घर नल कनेक्शन (FHTC) योजना के अंतर्गत अब तक 1,53,514 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं।

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वर्ष 2001 में मात्र 27 ग्रामों में ही नल आधारित जल प्रदाय योजनाएँ स्वीकृत थीं। अब यह संख्या बढ़कर 623 ग्रामों तक पहुँच गई है, जिनमें से 418 ग्रामों में पाइप लाइन आधारित जल प्रदाय योजनाएँ पूरी तरह लागू हो चुकी हैं। इन सभी ग्रामों में ओवरहेड टैंक आधारित पेयजल आपूर्ति प्रणाली भी स्थापित की गई है।

जल संकटग्रस्त एवं खारे पानी प्रभावित ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु जल जीवन मिशन के अंतर्गत बहु-ग्राम योजनाएँ लागू की जा रही हैं। इस क्रम में धमतरी जिले में स्वीकृत दो बहु-ग्राम योजनाओं से नगरी के वनांचल क्षेत्र के 76 ग्रामों के निवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। समूह जल प्रदाय योजना संकरा के अंतर्गत उपचारित पानी गाँवों में पहुँचाया जाएगा। इसके लिए 3.5 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र 80% तक पूर्ण हो चुका है। 180 केएल क्षमता का संपवेल निर्मित हो गया है तथा 330 केएल क्षमता का 28 स्टेज एमबीआर निर्माणाधीन है। पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी प्रगति पर है। यह परियोजना नगरी वनांचल क्षेत्र को पेयजल संकट से मुक्त करने में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी।

नई तकनीकों को अपनाते हुए जिले में अब तक 182 सोलर डुअल पंप, 370 सौर आधारित मिनी जल प्रदाय योजनाएँ तथा 1,364 सिंगल फेज पावर पंप स्थापित किए गए हैं। पारदर्शिता एवं जल स्रोतों की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए 1,477 जल स्रोतों का जियो-टैगिंग किया गया है।

नगरीय क्षेत्रों की उपलब्धियाँ

नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। धमतरी नगर निगम क्षेत्र में संपूर्ण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जिले की सभी पाँच नगर परिषदों में नल आधारित जल प्रदाय योजनाएँ पूर्ण रूप से लागू हो चुकी हैं।

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पिछले 25 वर्षों में धमतरी जिले की पेयजल व्यवस्था में हुई प्रगति सुदृढ़ प्रशासन, समर्पित विभागीय अधिकारियों तथा सक्रिय जनभागीदारी का परिणाम है। वर्ष 2001 की सीमित सुविधाओं से लेकर आज की शत-प्रतिशत कवरेज तक, जिला न केवल हर घर तक पेयजल पहुँचा रहा है बल्कि आधुनिक तकनीकों और सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के माध्यम से सतत एवं सुरक्षित जल आपूर्ति की दिशा में भी अग्रसर है।

  विशेष लेख : शशिरत्न पराशर, उप संचालक

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