राजनांदगांव , संस्कारधानी राजनांदगांव में गुरुवार को धार्मिक उत्साह और उमंग का माहौल रहा। शासन प्रभावक आचार्य भगवंत जिनपीयूष सागर सूरीश्वरजी महाराज आदि ठाणा का शहर में नगर प्रवेश हुआ। उनके साथ नगर के गौरव और गोलछा परिवार के कुलदीपक श्रेयसरत्न सागरजी का दीक्षा ग्रहण करने के बाद पहली बार नगर आगमन हुआ। गुरु भगवंतों का शहर प्रवेश गुरुवार को प्रातः 8 बजे गायत्री मंदिर चौक से हुआ। आचार्य के स्वागत के लिए यहां मंगल कलश सजाया गया।
गायत्री मंदिर चौक में जैसे ही आचार्य का आगमन हुआ वहां श्रावक-श्राविकाएं व गुरु भक्तों ने जयकारे लगाए। इसके बाद गुरु भगवंतों को केसर युक्त जल अर्पित किया। फिर ज्ञान वल्लभ पाठशाला और सुलोचना जैन संस्कार पाठशाला के बच्चों ने आचार्य के स्वागत में धार्मिक गीतों पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद आचार्य शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सदर बाजार स्थित जैन मंदिर के लिए आगे बढ़े। मंदिर पहुंचने के पहले समाज के लोगों ने पहले गुरु भगवंत जिनपीयूष सागर सूरीश्वरजी महाराज को फिर दीक्षा ग्रहण करने के बाद पहली बार नगर आगमन होने पर शहर गोलछा परिवार के सदस्य श्रेयसरत्न सागरजी को अपने हाथों में उठाकर मंदिर तक ले गए। उपस्थित जैन समाज के लोग जयकारे लगाते रहे। अपने-अपने घरों के सामने श्रीफल-अक्षत रखकर आचार्य भगवंत का स्वागत किया। वहीं भजन के साथ लोग झूमते चल रहे थे।
7 जून को जुटेगा महाकौशल-सीजी का विहार सेवा ग्रुप शहर के जैन बगीचा में इन दिनों अध्यात्म, संस्कार और सेवा की त्रिवेणी बह रही है। एक तरफ जहां युवाओं को सुसंस्कृत बनाने के लिए बोहिलाभम् आवासीय संस्कार शिविर का संचालन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर 7 जून को जैन समाज का एक प्रांतीय अधिवेशन आयोजित होने जा रहा है। आचार्य भगवंत की निश्रा में आयोजित होने वाले इस सर्व महाकौशल-छत्तीसगढ़ क्षेत्र विहार सेवा ग्रुप अधिवेशन में सेवा और समर्पण का अनूठा तालमेल देखने को मिलेगा। इस अधिवेशन में छत्तीसगढ़ और महाकौशल क्षेत्र के विभिन्न जैन संघों से विहार सेवक राजनांदगांव पहुंचेंगे। आयोजन में लगभग 50 संघों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों और विहार सेवकों के शामिल होंगे।
पुलिस प्रोटेक्शन विशेषज्ञ मोक्षेश का मार्गदर्शन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अहमदाबाद के मोक्षेश मोदी का आगमन रहेगा। मोदी देशभर में साधु-साध्वियों के विहार (पदयात्रा) के दौरान पुलिस प्रोटेक्शन और सुरक्षा समन्वय की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। उनके दीर्घकालीन अनुभवों और मार्गदर्शन का लाभ यहां उपस्थित सभी विहार सेवकों को मिलेगा, जिससे आगामी विहार व्यवस्थाओं को और अधिक सुरक्षित व सुगठित बनाया जा सके। इसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है।
