छत्तीसगढ़

गायत्री परियोजना प्रभावित परिवारों के लिए खुशखबरी, 95 नौकरियों का रास्ता साफ

घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर समिति ने दी सहमति

जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक संपन्न

सूरजपुर,

जिले के तहसील सूरजपुर अंतर्गत केतका स्थित गायत्री भूमिगत परियोजना, विश्रामपुर एसईसीएल क्षेत्र के लिए जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से प्रभावित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों के पुनर्वास और रोजगार संबंधी विषयों पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान ग्राम जोबगा की अधिग्रहित निजी भूमि से संबंधित भूमिस्वामियों एवं आश्रितों को कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। प्रभावित परिवारों को नीति के तहत निर्धारित रोजगार के दो विकल्पों में से किसी एक विकल्प का चयन करने के लिए बैठक आयोजित की गई। जिसमें घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर सहमति व्यक्त की गई । बैठक में लिए गए इस निर्णयों के आधार पर ही अब प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने की आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि गायत्री भूमिगत परियोजना के अंतर्गत कुल 288.209 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें 220.784 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। परियोजना से ग्राम जोबगा, गेतरा और पोड़ी प्रभावित हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम जोबगा में कुल 77.69 हेक्टेयर (191.976 एकड़) भूमि अधिग्रहित की गई है। मुआवजा निर्धारण के समय यहां 168 खातेदार थे, जबकि अधिग्रहण तिथि के समय इनकी संख्या 161 खातेदार रही।

निजी भूमि के लिए कुल 20.17 करोड़ रुपए मुआवजा राशि निर्धारित की गई है। इसमें अब तक 42 खातेदारों को 7.09 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 126 खातेदारों को 13.08 करोड़ रुपए का भुगतान शेष है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत परियोजना प्रभावितों के लिए 95 रोजगार का प्रावधान किया गया है। समिति ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार लाभ दिलाने और पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

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