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Garma Tomato Cultivation: किसानो की मोटी कमाई का जरिया गरमा टमाटर की खेती, देखे अलान विधि से खेती का तरीका?

Garma Tomato Cultivation: खाली पड़े खेतों में गरमा टमाटर उगाना सबसे ज़्यादा फ़ायदेमंद काम साबित हो रहा है। इसका सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि बीज बोने के सिर्फ़ 45 दिनों के अंदर ही इसमें फल लगने लगते हैं। अगर किसान वैज्ञानिक तरीकों से फ़सल की देखभाल करें, तो लगातार तीन महीनों तक फ़सल काटी जा सकती है।

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Garma Tomato Cultivation: कैसे करे इसकी खेती शुरू

एक खास बात यह है कि इन किसानों को अपनी पैदावार के लिए तब सबसे ज़्यादा कीमत मिलती है, जब बाज़ार में टमाटर की सप्लाई कम होती है। BAU के वाइस-चांसलर डॉ. दुनिया राम सिंह ने बताया कि बेमौसम खेती करना वाकई एक जोखिम भरा काम है।

Garma Tomato Cultivation: नई टेक्नोलॉजी

लेकिन, टेक्नोलॉजी और कड़ी मेहनत के दम पर यह बहुत कामयाब साबित होता है। उन्होंने खास तौर पर ‘आलन’ (Alan) तरीका अपनाने की सलाह दी। गरमा टमाटर को ज़मीन पर फैलने देने के बजाय, उन्हें लकड़ी के डंडों या बांस के सहारे ऊपर की ओर चढ़ाना ज़रूरी है।

Garma Tomato Cultivation: बाज़ार में इसकी मांग और कीमत

अगर ऐसा न किया जाए, तो मॉनसून की पहली बारिश आते ही फ़सल के सड़ने और खराब होने का खतरा रहता है। वैज्ञानिक इनोवेशन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने गरमा टमाटर की एक ऐसी किस्म भी तैयार की है, जिसमें बीज नहीं होते। बाज़ार में इसकी मांग और कीमत, दोनों ही आम टमाटरों से बेहतर हैं।

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Garma Tomato Cultivation: इन किस्मों का सबसे ज़्यादा उपयोग

इसके अलावा मिट्टी और मौसम के हिसाब से इन किस्मों को सबसे ज़्यादा उपयोग पाया है: नामधारी 4266, अभिलाष और साहू 3251। वाइस-चांसलर डॉ. डी.आर. सिंह का कहना है कि अगर किसान अच्छी क्वालिटी के बीज चुनें और सही तरीकों का इस्तेमाल करें, तो गेहूं की कटाई के बाद खाली पड़े खेत उनके लिए कमाई का एक बड़ा ज़रिया बन सकते हैं।

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