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Animal Husbandry: भीषण गर्मी में गाय-भैंस को खिलाये ये घास बढ़ेगा दूध चमकेगी किस्मत, सेहत पर भी पड़ेगा असर, जाने जानकारी

Animal Husbandry: पशुपालन और डेयरी फार्मिंग के इस आधुनिक दौर में, हर पशुपालक का एक ही लक्ष्य होता है: अपने पशुओं से कम से कम लागत में ज़्यादा से ज़्यादा और अच्छी क्वालिटी का दूध कैसे प्राप्त किया जाए। किसान अक्सर महंगे चारे और सप्लीमेंट्स के पीछे भागते हैं, जिससे आखिर में उनके मुनाफे में ही कमी आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हरे चारे की एक खास किस्म यानी, शंकर नेपियर घास इस समस्या का सबसे बेहतरीन और सबसे प्राकृतिक समाधान है?

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जैसे ही इस पोषक तत्वों से भरपूर घास को पशुओं के आहार में शामिल किया जाता है, डेयरी पशुओं की दूध देने की क्षमता में एक जादुई बदलाव देखने को मिलता है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह घास सिर्फ़ दूध का उत्पादन ही नहीं बढ़ाती, बल्कि पशुओं के पूरे स्वास्थ्य को भी बेहतरीन स्थिति में बनाए रखती है। आइए हम आपको बताते हैं कि यह चमत्कारी घास कैसे काम करती है और इसके क्या-क्या फायदे हैं।

Animal Husbandry: दूध उत्पादन में बढ़ोतरी

आम चारे की तुलना में, शंकर नेपियर घास पशुओं के लिए किसी “सुपरफ़ूड” से कम नहीं है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और ज़रूरी खनिज भरपूर मात्रा में होते हैं ये ऐसे पोषक तत्व हैं जो दूध देने वाले पशुओं की आहार संबंधी ज़रूरतों को आसानी से पूरा करते हैं। जब गायों और भैंसों को लगातार यह स्वादिष्ट और रसीला चारा खिलाया जाता है, तो उनकी दूध देने की क्षमता में लगभग 20 से 30 प्रतिशत की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

Animal Husbandry: घास की मुख्य विशेषताएं

इस घास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बहुत आसानी से पच जाती है; पशु इसे बड़े चाव से खाते हैं और आसानी से पचा लेते हैं। इसे नियमित रूप से आहार में शामिल करने से दूध की गाढ़ता और वसा (फैट) की मात्रा, दोनों में काफ़ी सुधार होता है, जिससे पशुपालक बाज़ार में अपने दूध के लिए ज़्यादा कीमत पा सकते हैं।

Animal Husbandry: पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार

यह घास सिर्फ़ डेयरी व्यवसाय का मुनाफा ही नहीं बढ़ाती, बल्कि पशुओं की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को भी एक नए स्तर पर ले जाती है। शंकर नेपियर घास में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व एक ढाल की तरह काम करते हैं, जो पशुओं को मौसमी बीमारियों और पेट से जुड़े संक्रमणों से बचाते हैं यह एक ऐसा बचाव का तरीका है जिससे आखिर में पशुओं के इलाज पर होने वाला खर्च भी बचता है।

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Animal Husbandry: किसानों के खर्च में होगी बचत

एक किसान के नज़रिए से देखें तो, एक बार बो दिए जाने के बाद, यह घास कई सालों तक लगातार हरा चारा देती रहती है और बहुत तेज़ी से बढ़ती है। कम से कम पानी और सामान्य देखभाल के साथ भी, यह बंपर पैदावार देती है, जिससे महंगे बाज़ारी चारे पर होने वाला अतिरिक्त खर्च पूरी तरह से खत्म हो जाता है। कुल मिलाकर, यह घास न केवल पशुओं को स्वस्थ रखती है, बल्कि डेयरी किसानों के मुनाफ़े में भी काफ़ी बढ़ोतरी करती है।

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