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CG : मुरेरगढ़ -रहस्य, रोमांच और आस्था का प्राकृतिक हिल स्टेशन…डॉ. विनोद पाण्डेय

By lokesh sharma|14 Dec 2025, 4:55 PM
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एमसीबी/परिचयः- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की गोद में स्थित मुरेरगढ़ एक ऐसा पर्यटन स्थल है, जहां प्रकृति की अनुपम सुंदरता, ऐतिहासिक विरासत और गहरी धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। लगभग 2000 फीट ऊँचाई पर स्थित यह पहाड़ी एमसीबी जिले की सबसे ऊँची चोटी मानी जाती है और प्राकृतिक हिल स्टेशन के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है।


स्थान एवं पहुँचः- जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ से दूरी – लगभग 105 किलोमीटर
पहुँच मार्ग – केल्हारी – चुटकी -भंवरखोह- मुरेरगढ़
क्षेत्र – मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला, छत्तीसगढ़

ऐतिहासिक महत्व:– मुरेरगढ़ पर्वत शिखर पर स्थित प्राचीन किले के अवशेष इसके गौरवशाली अतीत की झलक प्रस्तुत करते हैं। पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग के अनुसार यह किला संभवतः पूर्ववर्ती शासक बालंदशाह राजा द्वारा निर्मित गढ़ी रहा होगा। यद्यपि वर्तमान में यह भग्न अवस्था में है, किंतु रियासतकालीन इतिहास के अध्ययन की दृष्टि से यह स्थल अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।


प्राकृतिक विशेषताएं:-पर्वत पर स्थित प्राकृतिक गुफाएं, वर्षभर जलयुक्त रहने वाला कुआं, प्राचीन तालाब, गुफाओं से निकलने वाला मीठा एवं पीने योग्य जल, चारों ओर फैली घनी हरियाली एवं शांत वातावरण।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था:– स्थानीय जनमानस में यह पर्वत “सिद्ध बाबा पर्वत” के नाम से प्रसिद्ध है। महाशिवरात्रि, नवरात्रि एवं दीपावली के दूसरे दिन यहां श्रद्धालुजन देवस्थल पर दीप प्रज्वलन एवं पूजा-अर्चना हेतु पहुंचते हैं। पर्वत शिखर पर स्थापित त्रिशूल एवं ध्वज इस स्थल की आध्यात्मिक महत्व को दर्शाते हैं।


पर्यटन संभावनाएं:– मुरेरगढ़ अपने दुर्गम रास्तों, रहस्यमय वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण नेचर टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म एवं हेरिटेज टूरिज्म के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थल है। इस क्षेत्र को विकसित कर एक आकर्षक हिल स्टेशन के रूप में छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जा सकता है।

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भविष्य की दिशा:- जिला प्रशासन द्वारा मुरेरगढ़ पर्यटन स्थल की विस्तृत जानकारी छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल को प्रेषित की जा चुकी है। आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास के पश्चात यह स्थल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है।
आइए, मुरेरगढ़ आइए:- जहां इतिहास बोलता है, प्रकृति मुस्कुराती है और आस्था सजीव हो उठती है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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