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बॉर्डर सुरक्षा पर अमित शाह का सख्त संदेश, BSF से कहा- 50KM दायरे की सुरक्षा भी आपकी जिम्मेदारी

By Admin|26 May 2026, 6:06 PM
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बीकानेर

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बीकानेर के दौरे पर हैं. उन्होंने मंगलवार को बीकानेर के सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया. उन्होंने बीएसएफ के जवानों से बातचीत में कहा कि बीएसएफ को अपनी परंपरागत ड्यूटी से आगे बढ़कर नए सुरक्षा आयामों पर काम करना होगा। 

गृहमंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की सांचू पोस्ट पहुंचकर प्रहरी सम्मेलन को संबोधित किया. उन्होंने यहां कहा कि पचास किलोमीटर तक असामान्य गतिविधियों पर नजर रखें. बीएसएफ की जिम्मेदारी है कि सीमा से लगे 50 किलोमीटर के गांवों में होने वाले किसी भी अवैध निर्माण की जानकारी सिविल प्रशासन और पुलिस को दें। 

शाह ने बीकानेर में महिला बैरकों के ई-उद्घाटन के दौरान कहा कि सीमा पर निगरानी पर्याप्त नहीं है बल्कि सीमा से पचास किलोमीटर तक की क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि अगर सीमावर्ती गांवों की आबादी में अस्वाभाविक बदलाव दिखे तो राज्य सरकार को तुरंत सतर्क किया जाए. गृहमंत्री ने ड्रोन के जरिए हो रही हथियार और नारकोटिक्स तस्करी को बड़ा खतरा बताया। 

उन्होंने कहा कि भारत सरकार अगले छह महीने में ड्रोन रोधी सिस्टम लगाने की शुरुआत करेगी. शाह ने कहा कि ड्रोन भारत की जमीन पर उतरता है, उसे कौन रिसीव करता है और सामग्री का इस्तेमाल कौन करता है. इस पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिए। 

फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड पर जोर
अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ, सेना, नागरिकों और राज्य सरकार मिलकर फोर लेयर सुरक्षा ग्रिड तैयार करेंगे. इसे सिर्फ फोर लेयर सिक्योरिटी नहीं, बल्कि साझा जिम्मेदारी वाला सुरक्षा मॉडल माना जाना चाहिए। 

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शाह ने कहा कि सीमा पार से पैदा होने वाले खतरों के साथ-साथ देश के अंदर मौजूद उन तत्वों पर भी नजर रखनी होगी जिनका इस्तेमाल दुश्मन ताकतें करती हैं। 

गृहमंत्री ने बताया कि हाल ही में उन्होंने बिहार के सीमांचल क्षेत्र में इसी विषय पर बैठक की थी. उन्होंने कहा कि अब कच्छ बॉर्डर, त्रिपुरा बॉर्डर और पश्चिम बंगाल में भी ऐसी संयुक्त बैठकें होंगी. जिन सीमाओं की सुरक्षा बीएसएफ करती है, वहां इस चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना सरकार का लक्ष्य है. हमला होने के बाद जवाब देने की नौबत नहीं आनी चाहिए। 

अमित शाह ने कहा कि 2014 के बाद भारत की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है और सेना व बीएसएफ का तेजी से आधुनिकीकरण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जहां-जहां आतंकियों ने बड़े हमले करने की कोशिश की, वहां भारत ने पूरी कठोरता से जवाब दिया है. स्थिति ऐसी नहीं होनी चाहिए कि हमला होने के बाद जवाब देना पड़े. हमारी जिम्मेदारी ऐसी मजबूत सीमाएं बनाना है कि दुश्मन हमला करने की हिम्मत ही न कर सके। 

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