मध्य प्रदेश

टाइगर मॉनिटरिंग में टेक्नोलॉजी का बड़ा इस्तेमाल: MP में 2026 की बाघ गणना के लिए कैमरा ट्रैप तैयार

By Admin|15 Nov 2025, 9:52 AM
f X W

सीधी 
अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 (Tiger Census 2026) को लेकर संजय टाइगर रिजर्व प्रबंधन तैयारी में जुटा है। इस वर्ष यह गणना पूरी तरह से पेपरलेस होगी। गणना में डाटा कलेक्शन संजय टाइगर रिजर्व के साथ ही सामान्य वन मंडल पश्चिम सीधी, नॉर्थ शहडोल, रीवा, सिंगरौली और वन विकास निगम क्षेत्र से भी किया जाएगा।

Advertisement
Advertisement

कर्मचारियों का प्रशिक्षण लगभग पूरा हो चुका है। अब 15 नवंबर से कैमरा ट्रैप लगाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जबकि डाटा कलेक्शन का काम 15 नवंबर से होगा। कैमरे एक माह के लिए लगाए जाएंगे ताकि बाघों के साथ अन्य वन्यजीवों के मूवमेंट को कैप्चर किया जा सके।

आठ वन परिक्षेत्रों में दो फेज में लगेंगे कैमरा ट्रैप

विभागीय अधिकारियों के अनुसार संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कुल आठ वन परिक्षेत्र हैं। पहले फेज में चार परिक्षेत्र (ब्योहारी, दुबरी, वस्तुआ और मड़वास) के 281 ग्रिड में कैमरे लगाए जाएंगे। एक ग्रिड दो वर्ग किलोमीटर का है। हर ग्रिड में दो कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे एक माह तक लगे रहेंगे। इसके बाद दूसरे फेज में बाकी बचे चार परिक्षेत्र (पौड़ी, टमसार, मोहन और भुईमाड़) के 301 ग्रिड में कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरा ट्रैप का पूरा डेटा सीधे वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून जाएगा, जहां एनॉलिसिस की जाएगी।

कैमरा ट्रैप लगाने के साथ ही ट्रांजिट लाइन में पैदल चलकर भी बाघों के साथ ही अन्य वन्यजीवों की गणना की जाएगी। यह कार्य दिसंबर माह के पहले सप्ताह में होगा। पहले तीन दिन मांसाहारी वन्य प्राणियों के साक्ष्य एकत्रित होंगे। हर बीट में 15 किलोमीटर के तीन ट्रैक होंगे। वहीं अगले तीन दिन शाकाहारी वन्य प्राणियों का डाटा कलेक्शन होगा। इसके लिए कंपास, रेंज फाउंडर के साथ ही अन्य आवश्यक संसाधन जुटा लिए गए है। ट्रांजिट लाइन में पैदल गणना 1 से 7 दिसंबर के बीच होगी।

READ ALSO  मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में 46वें उप पुलिस अधीक्षक बैच के बुनियादी प्रशिक्षण का शुभारंभ

बाघ की उंचाई के बराबर पेड़ों पर लगाए जाएंगे कैमरे

प्रशिक्षित कर्मचारी निर्धारित क्षेत्र में चिह्नित प्वाइंट पर पेड़ों पर कैमरा लगाएंगे। ये कैमरे पेड़ों पर बाघ की ऊंचाई के बराबर लगाए जाएंगे, जिससे कि आसानी से वन्यजीवों को कैप्चर किया जा सके। कैमरा ट्रैप लगने के बाद क्षेत्र में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा, जिससे कि वन्यजीव स्वच्छंद इस क्षेत्र में विचरण कर सकें।

बाघ के साथ अन्य वन्य प्राणियों की भी होगी गणना

अखिल भारतीय बाघ गणन हर चार वर्ष में होती है। वर्ष 2022 के बाद होने वाली इस गणना में इस बार बाघों के साथ तेंदुआ, जंगली हाथी, भालू और बायसन सहित अन्य वन्य जीव की भी संख्या दर्ज की जाएगी। इस गणना का नाम बाघ एवं अन्य मांसाहारी वन्य प्राणियों का आकलन-2026 दिया गया है।

लगभग तैयारी हुई पूरी – एसडीओ

बाघ गणना को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। पहले चरण में टाइगर रिजर्व क्षेत्र के चार वन परिक्षेत्रों में 15 नवंबर से 562 कैमरा टैप लगाने का काम किया जाएगा। इस काम में लगभग 300 कर्मचारी लगेंगे। इस बार गणना पूरी तरह से पेपरलेस है। – सुधीर मिश्रा, एसडीओ संजय दुबरी टाइगर रिजर्व सीधी

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins