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बिहार कैबिनेट में बदलाव की बड़ी तस्वीर: किसे मिला प्रमोशन, कौन हुआ साइडलाइन?

By Admin|09 May 2026, 9:16 PM
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पटना
बिहार कैबिनेट विस्तार में बीजेपी और जदयू ने नए चेहरों पर ज्यादा भरोसा जताया है। सम्राट मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ और पुराने मंत्रियों का प्रभाव कम हुआ है, जबकि पहली बार मंत्री बने नेताओं को अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीजेपी कोटे से मंत्री बने मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। नीतीश सरकार में यह विभाग जदयू के पास था, लेकिन अब सम्राट सरकार में इसे बीजेपी को दिया गया है। मिथिलेश तिवारी पहली बार मंत्री बने हैं और उन्हें कैबिनेट के सबसे अहम विभागों में से एक सौंपा गया है।

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सम्राट कैबिनेट में नए चेहरों की एंट्री
वहीं, पिछली सरकार में बीजेपी के पास रहा स्वास्थ्य विभाग इस बार जदयू को मिला है। स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी पहली बार मंत्री बने निशांत कुमार को सौंपी गई है। इसी तरह जदयू विधायक डॉ. श्वेता गुप्ता को समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वह पहली बार विधायक बनी हैं और पार्टी ने उन्हें बड़ा विभाग देकर भरोसा जताया है।
 
गोपालपुर से विधायक बुलो मंडल को भी पहली बार मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। उन्हें ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी मिली है। यह विभाग करीब तीन दशक तक बिजेंद्र प्रसाद यादव के पास रहा था। इसके अलावा, बिहपुर से विधायक ई. शैलेन्द्र को पथ निर्माण विभाग सौंपा गया है। वहीं, श्रेयसी सिंह और लेशी सिंह का भी नए मंत्रिमंडल में कद बढ़ा है।

कई पुराने नेताओं का घटा कद
वहीं, नए मंत्रिमंडल में कई पुराने मंत्रियों का कद घटा है। बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव लंबे समय से ऊर्जा विभाग संभाल रहे थे। नई सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया है, लेकिन ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी उनसे वापस ले ली गई है। इसी तरह, नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले अशोक चौधरी का भी नई सरकार में प्रभाव कम हुआ है। पहले उनके पास ग्रामीण कार्य विभाग जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय था, लेकिन अब उन्हें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

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पूर्व शिक्षा मंत्री सुनील कुमार का भी नए मंत्रिमंडल में कद घटा है। सम्राट कैबिनेट में उन्हें ग्रामीण कार्य विभाग सौंपा गया है। पहले उनके पास 68,216 करोड़ रुपये के बजट वाला शिक्षा विभाग था, जबकि अब उन्हें करीब 11,312 करोड़ रुपये के बजट वाला विभाग मिला है। इसके अलावा, पूर्व समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, प्रमोद चंद्रवंशी, संजय टाइगर और रामकृपाल यादव के विभागों में भी बदलाव किया गया है, जिससे उनके राजनीतिक कद में कमी मानी जा रही है।

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