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कौशल विकास में नया मॉडल बना ग्लोबल स्किल पार्क, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन को मिल रही मजबूती

By Admin|31 May 2026, 11:12 AM
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन को साकार कर रहा ग्लोबल स्किल पार्क

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कौशल प्रशिक्षण से अंतर्राष्ट्रीय रोजगार तक पहुंच रहे मध्यप्रदेश के युवा
तीन प्रशिक्षणार्थियों को मिला हंगरी जॉब

भोपाल

संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क कौशल विकास की उस नई कार्य संस्कृति का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, जहां प्रशिक्षण केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को वैश्विक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विकसित हो रहा कौशल तंत्र अब युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों से भी जोड़ रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में कौशल विकास को औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार से जोड़ते हुए युवाओं के लिए नए अवसर निर्मित किए जा रहे हैं। इसी दिशा में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश में कौशल आधारित प्रशिक्षण व्यवस्थाओं को अधिक उद्योगोन्मुख और रोजगारपरक बनाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।

इसी क्रम में संस्थान के बैच-9 के तीन विद्यार्थियों का चयन हंगरी में रोजगार के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थी हंगरी पहुंचकर अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ कर चुके हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल और उद्योगोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को रेखांकित करती है।

हंगरी में रोजगार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में एडवांस्ड मैकेनिकल टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम के विद्यार्थी लकी साहू तथा एडवांस्ड मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल सर्विसेज पाठ्यक्रम के विद्यार्थी रौशन कुमार एवं मयंक जांगिड़ शामिल हैं। सिवनी, चंपारण और दौसा जैसे क्षेत्रों से आने वाले इन विद्यार्थियों ने यह सिद्ध किया है कि अवसर और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलने पर युवा वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं।

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एसएसआरजीएसपी में विद्यार्थियों को अत्याधुनिक मशीनों, सिम्युलेशन आधारित प्रशिक्षण, व्यवहारिक अभ्यास और उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ कार्यस्थल अनुशासन, व्यावसायिक व्यवहार, सुरक्षा मानकों और अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति की समझ पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। यही कारण है कि संस्थान से प्रशिक्षित युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की अपेक्षाओं पर खरे उतर रहे हैं।

कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) टेटवाल ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि हंगरी में विद्यार्थियों का चयन प्रदेश के कौशल विकास मॉडल की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार युवाओं को केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य के साथ कार्य कर रही है। आधुनिक कौशल, व्यवहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार मानव संसाधन ही विकसित मध्यप्रदेश की आधारशिला बनेंगे।

इन विद्यार्थियों की सफलता उस व्यापक परिवर्तन का संकेत है जिसमें मध्यप्रदेश के युवा अब स्थानीय सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। आने वाले समय में एसएसआरजीएसपी प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसरों से जोड़ते हुए कौशल विकास के क्षेत्र में नई उपलब्धियां स्थापित करेगा।

हंगरी में इन तीनों विद्यार्थियों का चयन वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह SRF Limited में हुआ है। SRF विशेष रसायन, फ्लोरोकेमिकल्स, पैकेजिंग फिल्म्स और टेक्निकल टेक्सटाइल्स के क्षेत्र में कार्यरत भारत की अग्रणी विनिर्माण कंपनियों में से एक है, जिसकी उत्पादन इकाइयाँ भारत के साथ-साथ यूरोप के हंगरी सहित कई देशों में संचालित हैं। कंपनी अपनी उन्नत तकनीक, वैश्विक गुणवत्ता मानकों और नवाचार आधारित कार्य संस्कृति के लिए जानी जाती है। ऐसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कंपनी में रोजगार प्राप्त करना विद्यार्थियों के कौशल, प्रशिक्षण और पेशेवर दक्षता का प्रमाण है तथा यह दर्शाता है कि एसएसआरजीएसपी से प्रशिक्षित युवा वैश्विक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को सफलतापूर्वक स्थापित कर रहे हैं।

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