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CG : कोलिहापुरी की महिलाओं ने प्लास्टिक कचरे को बनाया आय का स्रोत …

By lokesh sharma|26 Jun 2026, 3:55 PM
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दुर्ग । स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का अनूठा संगम दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत कोलिहापुरी में देखने को मिला है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत कोलिहापुरी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में एक ऐसा मॉडल विकसित किया है, जो अब पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है।

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ग्राम पंचायत की महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने घर-घर से एकत्रित किए गए 2730 किलो प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण कर उसे अधिकृत पुनर्चक्रण इकाई को विक्रय किया। इस पहल से समूह को कुल 46 हजार 410 रुपए की आय प्राप्त हुई। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि कचरे का सही प्रबंधन किया जाए तो वह केवल अपशिष्ट नहीं, बल्कि आय का सशक्त माध्यम भी बन सकता है। कोलिहापुरी में अपनाई गई कार्यप्रणाली त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है।

ग्राम स्तर पर महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं प्रतिदिन घर-घर जाकर गीला, सूखा एवं प्लास्टिक कचरे का पृथक संग्रहण करती हैं तथा ग्रामीणों को स्रोत पर ही कचरा अलग-अलग रखने के लिए जागरूक करती हैं। विकासखंड स्तर पर संग्रहित प्लास्टिक को विकासखंड दुर्ग स्थित एमआरएफ-पीडब्ल्यूएमयू सेंटर में पहुंचाया जाता है, जहां उसे गुणवत्ता एवं प्रकार के आधार पर पीईटी, एचडीपीई, एलडीपीई सहित विभिन्न श्रेणियों में अलग किया जाता है। इससे प्लास्टिक का बाजार मूल्य बढ़ जाता है।

विक्रय स्तर पर पृथक किए गए प्लास्टिक को अधिकृत रिसायकल इकाइयों को बेचा जाता है और प्राप्त राशि सीधे महिला समूहों के खातों में जमा की जाती है, जिससे उनकी आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता में वृद्धि हो रही है। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों को साकार करने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर भी निर्मित कर रही है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुरूप ग्रामीणों को गीला, सूखा, घरेलू खतरनाक एवं प्लास्टिक कचरे को अलग-अलग रखने के लिए निरंतर जागरूक किया जा रहा है। प्लास्टिक कचरे की गुणवत्ता के अनुसार पृथक्करण से मिलने वाले बेहतर मूल्य की जानकारी के बाद महिलाओं ने कचरे को अब ’संपदा’ के रूप में देखना शुरू कर दिया है। कोलिहापुरी की सफलता से प्रेरित होकर विकासखंड धमधा की ग्राम पंचायत लिटिया तथा विकासखंड पाटन की ग्राम पंचायत पतोरा और गाड़ाडीह में भी इसी मॉडल पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य आगामी समय में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में इस मॉडल को लागू करना है। कोलिहापुरी की महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि स्वच्छता और आजीविका एक-दूसरे के पूरक हैं। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार व जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में सामुदायिक सहभागिता से कचरे को आर्थिक संसाधन में बदला जा रहा है। प्रशासन ऐसे नवाचारों को लगातार बढ़ावा दे रहा है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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