बिहार / झारखण्डराज्‍य

इन्फ्लूएंजा को लेकर झारखंड में हाई अलर्ट, अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था

By Admin|29 Aug 2026, 5:43 PM
f X W

रांची
 देश के कई राज्यों दिल्ली, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और राजस्थान में इन्फ्लूएंजा A H1N1 और H3N2 के बढ़ते मामलों को देखते हुए झारखंड का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फिलहाल झारखंड में इन्फ्लूएंजा संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। एहतियात और जागरूकता के जरिए संक्रमण से बचाव संभव है।

केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से मिले निर्देशों के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने राज्य के सभी सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों और जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को अलर्ट रहने और लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया है।

एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के तहत राज्य सर्विलेंस पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार सिंह की देखरेख में पूरे राज्य में ILI (सर्दी, खांसी और बुखार) और SARI (गंभीर श्वसन संक्रमण) के मामलों की रोजाना निगरानी की जा रही है। इन मामलों की रिपोर्टिंग IHIP पोर्टल पर भी सुनिश्चित की जा रही है।

रिम्स और एमजीएम में जांच की सुविधा
संक्रमण से निपटने के लिए राज्य स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इन्फ्लूएंजा A H1N1 और H3N2 की जांच की सुविधा रिम्स, रांची और एमजीएम, जमशेदपुर में उपलब्ध कराई गई है।

इसके साथ ही सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में संभावित और संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए कम से कम 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है।

अस्पतालों में PPE किट, N95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क, VTM किट, जरूरी दवाएं, ऑक्सीजन उपकरण और वेंटिलेटर की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया है।

READ ALSO  तलाक के साथ पत्नी को 71.66 लाख रुपये भरण-पोषण, पटना हाईकोर्ट का फैसला

अस्पतालों की OPD में आने वाले ILI और SARI मरीजों की अनिवार्य स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क पहनने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।

लोगों को जागरूक कर रहा स्वास्थ्य विभाग
इन्फ्लूएंजा से बचाव, इसके लक्षण और क्या करें और क्या न करें से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। आईईसी के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. राहुल किशोर सिंह ने बताया कि जागरूकता सामग्री के जरिए लोगों को संक्रमण से बचाव के बारे में जानकारी दी जा रही है।

इन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के अनुसार, बुजुर्ग, 5 वर्ष तक के छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पुरानी गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोग संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। इसलिए इनका विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

राज्य सर्विलेंस पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को मरीजों का डेटा IHIP पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।

संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
    भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाते समय मास्क पहनें।
    छींकते या खांसते समय रुमाल या कपड़े से मुंह और नाक ढंकें।
    शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ पिएं।
    अभिवादन के लिए हाथ मिलाने से बचें।
    सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें।
    डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक्स न लें।
    गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह को बार-बार न छुएं।

READ ALSO  आयुर्वेद को मिलेगा बढ़ावा, छत्तीसगढ़ में 312 वैद्यों का प्रमाणीकरण; मार्च 2027 तक बड़ा लक्ष्य

लक्षण दिखने पर लोगों से तुरंत अपने नजदीकी सदर अस्पताल या सरकारी चिकित्सा संस्थान से संपर्क करने की अपील की गई है।

स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परामर्श, लक्षण दिखने पर सलाह या सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी के लिए राज्य सरकार के 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins