छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : व्यायाम, पोषण और नींद के प्रबंधन से स्वस्थ जीवन का डॉक्टरों ने दिया संदेश…

By kadwaghut|11 Jun 2026, 11:40 AM
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राजनांदगांव , मेडिकल कॉलेज में वेगस द पैरासिम्पेथेटिक अप्रोच कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। लाइफ स्टाइल मॉडिफिकेशन क्लिनिक के अंतर्गत कार्यक्रम का उद्देश्य व्यायाम, संतुलित पोषण, गुणवत्तापूर्ण नींद एवं मानसिक संतुलन से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने प्रेरित करना है। शुभारंभ कॉलेज के डीन डॉ. पंकज मधुकर लुका, अस्पताल अधीक्षक एवं कार्यक्रम निदेशक डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर, उप चिकित्सा अधीक्षक एवं सह-अध्यक्ष डॉ. पवन जेठानी और समन्वयक डॉ. प्रकाश खूंटे ने किया।

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विशेषज्ञों ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण तनाव, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अनिद्रा जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और सकारात्मक मानसिक दृष्टिकोण स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव हैं। स्थापित लाइफ स्टाइल मॉडिफिकेशन क्लिनिक लोगों को वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। योग अभ्यास कराया गया। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन आभा पंजीयन की जानकारी दी। संचालन अश्वनी रॉय ने किया। अर्पिता ध्रुव, रेणु अवस्थी, कुसुमलता ठाकुर, शिल्पी सेंदूर, जितेश्वरी साहू, भावना ध्रुव, वीणा एक्का नर्सिंग एवं प्रशासनिक टीम का योगदान रहा। तकनीकी सहयोग धर्मेंद्र सिन्हा, रितेश रंगारी ने किया। नर्सिंग छात्राएं, स्टाफ, सुरक्षा एवं सफाई कर्मी मौजूद रहे।

बीमारियों से बचाने और स्वस्थ रखने का प्रयास डीन डॉ. लुका ने कहा यह पहल केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को बीमारियों से बचाने और स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर करने का प्रयास है। वहीं डॉ. देशकर ने इसे सोच से समाधान तक की अवधारणा को साकार करने वाला जन स्वास्थ्य अभियान बताया। डॉ. पवन जेठानी ने कहा स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जीवनशैली में सुधार समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसमें सुधार की बेहद आवश्यकता है।

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नियमित होंगे योग, ध्यान और जागरूकता कार्यक्रम लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन क्लिनिक के तहत आने वाले समय में योग, ध्यान, पोषण परामर्श, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा नींद प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपायों से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि मानसिक तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा। इस दौरान बड़ी संख्या मेंं चिकित्सक मौजूद रहे।

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