छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : लोक अदालत ने जोड़े​ रिश्ते, विवाद के बाद पति-पत्नी फिर साथ रहने राजी ….

By kadwaghut|17 Sep 2026, 10:05 AM
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राजनांदगांव l नेशनल लोक अदालत में राजनांदगांव सहित प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में लंबित और प्री-लिटिगेशन के 3 लाख 7 हजार 495 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन मामलों में समझौते और सहमति के आधार पर करीब 339 करोड़ 30 लाख 27 हजार 740 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। लोक अदालत के लिए राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों में कुल 48 खंडपीठों का गठन किया गया था। बताया कि इनमें न्यायालयों में लंबित, राजस्व न्यायालयों के मामलों और प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को समझौते के आधार पर निपटाने के लिए रखा गया।

लोक अदालत में वैवाहिक विवादों के मामलों में भी समझौते कराए गए। एक मामले में पति-पत्नी के बीच विवाद के चलते पत्नी ने भरण-पोषण की राशि और अलग रहने से संबंधित प्रकरण प्रस्तुत किया था। दोनों पक्षों के बीच समझाइश के बाद आपसी समझौता हुआ और मामला समाप्त कर दिया गया। इसी तरह एक अन्य वैवाहिक विवाद में पति-पत्नी के बीच समझौता होने के बाद दोनों ने फिर से साथ रहना स्वीकार किया। समझौते के आधार पर प्रकरण का निराकरण किया गया।

भूमि विवाद में 10.60 लाख रुपए के भुगतान पर सहमति: लोक अदालत में स्थायी निषेधाज्ञा से संबंधित एक प्रकरण का भी समझौते के आधार पर निराकरण किया गया। मामले में भूमि से जुड़े विवाद को लेकर पक्षकारों के बीच सहमति बनी। समझौते के तहत भूमि बेचने के लिए किए गए सौदे की 10 लाख रुपए की राशि पर ब्याज जोड़कर 10 लाख 60 हजार रुपए का भुगतान करने की शर्त स्वीकार की गई। प्रकरण का निराकरण कर दिया गया।

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किशोर से विवाद में समझौता, गले मिलकर घर लौटे: छुईखदान की तालुका विधिक सेवा समिति में आयोजित लोक अदालत में एक आपराधिक प्रकरण का भी आपसी समझौते से निराकरण हुआ। मामले में एक नाबालिग लड़के के साइकिल से गिरने को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई, जिसके बाद समझौता हुआ।

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