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स्काई वॉक के साथ रूफटॉप रेस्टोरेंट, लखनऊ में नई परियोजना को मंजूरी

By Admin|12 Jun 2026, 11:41 AM
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लखनऊ
राजधानी लखनऊ में शहीद पथ पर लुलु मॉल के पास स्काई वॉक (फुट ओवरब्रिज) बनेगा। 100 मीटर लंबा व 05 मीटर चौड़ा यह फुट ओवरब्रिज नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन देगा। आईकॉनिक डिजाइन इसे अलग बनाएगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पीपीपी मोड पर फुट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए एक निजी कंपनी के साथ करार किया है। इसके निर्माण में लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसका पूरा खर्च कंपनी द्वारा किया जाएगा। इसके रूफ टॉप पर ओपन एयर रेस्टोरेंट और नीचे ग्रीन एरिया होगा।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई एक अहम बैठक में परियोजना का प्रेजेंटेशन दिया गया। जिसमें फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए हरी झंडी दे दी गयी है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इससे शहीद पथ जैसे व्यस्त मार्ग पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं बाधारहित आवागमन उपलब्ध होगा।

फुट ओवरब्रिज में सीढ़ियों के अलावा लिफ्ट का भी प्रावधान किया गया है। उपाध्यक्ष ने बताया कि लोक निर्माण विभाग, ट्रैफिक पुलिस, लेसा व लुलु मॉल प्रबंधन के साथ बैठक करके फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिये गये हैं। निर्माण के दौरान ट्रैफिक में रुकावट न आए इसके लिए चरणबद्ध निर्माण पद्धति अपनाएंगे।

रूफ टॉप पर ओपन एयर रेस्तरां, नीचे हरित क्षेत्र
ग्राउंड फ्लोर पर लगभग 1200 वर्गमीटर क्षेत्रफल में आकर्षक ग्रीन एरिया होगा। जिसमें कियोस्क, सार्वजनिक उपयोग के लिए इंटरैक्टिव स्पेस, शौचालय और पार्किंग की सुविधा होगी। इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर, मेजेनाइन फ्लोर तथा प्रथम तल पर कॉमर्शियल स्पेस विकसित किया जाएगा। फुट ओवरब्रिज के रूफ टॉप पर ओपन एयर रेस्टोरेंट और एलईडी स्क्रीन होगी।

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एंटी-स्किड फ्लोरिंग समेत कई खासियत होंगी
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि फुट ओवरब्रिज की डिजाइन में सुरक्षा को सर्वाच्च प्राथमिकता दी गयी है। इसमें एंटी-स्किड फ्लोरिंग, मजबूत रेलिंग, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्पष्ट साइनेज, अग्निरोधी विद्युत फिटिंग तथा भूकंपरोधी डिजाइन का प्रावधान किया गया है। फायर सेफ्टी उपकरण, पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि होंगे।

कैसरबाग में बस पोर्ट की तैयारी तेज
वहीं, लखनऊ के सबसे पुराने बस स्टेशन, कैसरबाग को एयरपोर्ट की तर्ज पर बस पोर्ट बनाने के लिए चार निवेशकों ने और खाली पड़े जानकीपुरम बस अड्डे की जमीन पर हाईटेक बस अड्डा बनाने के लिए पांच निवेशकों ने दावेदारी ठोंकी है। इसका खुलासा टेंडर प्रक्रिया के टेक्निकल बिड खुलने के बाद हुआ है।

यूपी के 49 बस अड्डों को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित करने के लिए आमंत्रित की गई टेंडर प्रक्रिया में 13 बस अड्डों के लिए निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है। बाकी 36 बस अड्डों के लिए एक माह बाद दोबारा टेंडर जारी किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि पहले फेज में यूपी के 23 बस अड्डों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। दूसरे फेज में 49 बस अड्डों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। अभी टेक्निकल बिड खुली है। इन बस अड्डों की 55 प्रतिशत जमीन पर बस पोर्ट और 45 प्रतिशत जमीन पर शॉपिंग मॉल बनेगा, जहां यात्रियों को शॉपिंग करने, सिनेमा देखने और फूड कोर्ट में खान-पान के अलावा बेहतर वीआईपी वेटिंग लाउंज जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन 13 बस अड्डों पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

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ये सुविधाएं मिलेंगी
1. एसी स्मार्ट लाउंज, अत्याधुनिक प्रतीक्षालय और साफ-सुथरे टॉयलेट की सुविधा।

2. उड़ानों की तरह बसों के आने-जाने का समय, देरी व प्लेटफॉर्म नंबर की लाइव सूचना

3. यात्रियों के लिए मनोरंजन, खान-पान, शॉपिंग मॉल, कैफे, रेस्तरां और रिटेल सुविधा

4. रोडवेज बसों के अलावा निजी व लग्जरी वोल्वो बसों की भी सुविधा परिसर से मिलेगी

5. मल्टीलेवल पार्किंग में कार, टैक्सी, दोपहिया वाहन आदि के लिए अलग जगह

क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन के अनुसार मुख्यमंत्री की मंशा है कि बस अड्डे एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित हों। इसी क्रम में मुख्यालय से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें लखनऊ क्षेत्र के कैसरबाग और जानकीपुरम बस अड्डे को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के लिए शामिल किया गया है।

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