छत्तीसगढ़

CG : विधायक-नायब तहसीलदार विवाद के बाद प्रशासन ने तुषार मानिक को हटाया …

By kadwaghut|06 Jun 2026, 12:16 PM
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अंबिकापुर। सरगुजा जिले में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच चल रहे विवाद के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। कलेक्टर अंबिकापुर ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक को उनके वर्तमान दायित्व से हटाकर कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया है। वहीं सूत्रों के अनुसार एसडीएम फागेश सिन्हा के भी तबादले की संभावना जताई जा रही है और इस संबंध में आदेश जल्द ही जारी हो सकता है। विवाद तब सुर्खियों में आया था जब नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।

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दूसरी ओर विधायक रामकुमार टोप्पो ने आरोप लगाया कि तुषार मानिक ने उनकी चचेरी बहन के साथ अभद्र व्यवहार किया था। दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर एफआईआर दर्ज की गई थी। इस विवाद के बाद प्रदेशभर के तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों ने आरोपी पक्ष की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी थी। राजस्व मंत्री से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त हुई और अधिकारी-कर्मचारी अपने कार्य पर लौट आए। बुधवार को विधायक रामकुमार टोप्पो ने कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात कर नायब तहसीलदार तुषार मानिक और एसडीएम फागेश सिन्हा को हटाने की मांग की थी। इसके बाद कलेक्टर ने तुषार मानिक को हटाने का आदेश जारी किया, जिसे शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया।

राजापुर उप तहसील का अतिरिक्त प्रभार अब सीतापुर तहसीलदार उमेश बाज को सौंपा गया है। हड़ताल समाप्त होने के बाद गुरुवार से सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी अपने कार्य पर लौट आए। शुक्रवार को तहसीलों में लंबित मामलों के निपटारे के लिए बड़ी संख्या में लोग भी पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि विवाद के कारण रुक गए दस्तावेज और कार्य अब तेजी से निपटाए जा रहे हैं। विवाद के दौरान विधायक रामकुमार टोप्पो ने गिरफ्तारी देने की घोषणा भी की थी, लेकिन बतौली में उनके समर्थकों द्वारा रोके जाने के कारण उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया। इस घटना ने जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का माहौल बना दिया है।

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कलेक्टर कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि तुषार मानिक को हटाने का कदम विवाद के शांतिपूर्ण समाधान और तहसील कार्यों की नियमित गतिविधियों को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एसडीएम फागेश सिन्हा के संभावित तबादले से प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। सरगुजा जिले में यह विवाद प्रशासनिक कार्य और राजनीतिक हितों के टकराव का उदाहरण माना जा रहा है। स्थानीय लोग और अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि कार्रवाई के बाद तहसील स्तर पर प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलेंगे और जनता को सुविधा मिलेगी। अब सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार पुनः अपने कार्यभार में लौट चुके हैं और लंबित कार्यों के निपटारे में जुटे हैं। अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करें और विवादित मामलों को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने दें।

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