छत्तीसगढ़

नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं को देश-विदेश के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण

By Admin|24 Sep 2025, 12:51 PM
f X W

रायपुर : जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए शहरों में बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत –  अरुण साव

Advertisement
Advertisement

उप मुख्यमंत्री ने अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट पर आयुक्तों, सीएमओ और अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को किया संबोधित

नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं को देश-विदेश के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण

रायपुर

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के तहत नगरीय निकायों में भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज के लिए मिशन मोड पर कार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर सभी नगरीय निकायों के लिए तीन दिवसीय गहन ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया है। इसमें देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं अभियंताओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि नगरीय प्रशासन विभाग ने इस साल 20 मई को शहरों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) लांच किया था। प्रशिक्षण के बाद निकायों द्वारा इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी।  

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव ने विगत 22 सितम्बर से शुरू तीन दिनों के प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। वे आज अपने मुंगेली प्रवास के दौरान सभी अधिकारियों और प्रशिक्षण दे रहे विशेषत्रों से वर्चुअली जुड़े और उन्हें संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भू-जल का संरक्षण और रिचार्ज आज की बड़ी चुनौती है। शहरों की बढ़ती आबादी और वहां जल संकट से निपटने के लिए प्रभावी कार्य करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से हमारे नगरीय निकायों के अधिकारियों को भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज से जुड़ी तकनीकी जानकारी मिलेगी। वे एक्वीफर मैपिंग, भूजल पुनर्भरण तकनीक तथा शहरी जल प्रबंधन की आधुनिक पद्धतियों से अवगत होकर अपने शहर के विकास की कार्ययोजना बनाते समय इनका ध्यान रख सकेंगे। इससे वे भू-जल के संवर्धन के लिए भी प्रभावी योजनाएं तैयार कर सकेंगे।

READ ALSO  CG : को-ऑपरेटिव बैंको में रिक्त पदों की भर्ती की कार्यवाही में लाए तेजी: मंत्री केदार कश्यप ...

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि नगरों के विकास की योजना बनाते समय जल संरक्षण को प्राथमिकता से शामिल करना होगा। जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करना होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्रशिक्षण का पूरा लाभ लेने को कहा।  साव ने राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ ही प्रशिक्षण दे रहे सभी विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से हम नगरीय निकायों में भू-जल के संरक्षण और रिचार्ज के लिए प्रभावी काम कर सकेंगे। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ  शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रशिक्षण से ऑनलाइन जुड़े।   

ये विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण

प्रदेशभर के नगरीय निकायों के वरिष्ठतम अधिकारियों और अभियंताओं को अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर देश-विदेश के विशेषज्ञ प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के पहले दिन 22 सितम्बर को राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, नवा रायपुर की वैज्ञानिक सु बिजिमोल जोस के साथ ही सीजीडब्ल्यूबी, चेन्नई के वैज्ञानिक डॉ. एम. सेंथिल कुमार ने शहरी क्षेत्रों के जल भू-विज्ञान के बारे में जानकारी दी। वहीं मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज, फरीदाबाद के प्राध्यापक डॉ. अरुणांग्शु मुखर्जी ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में भू-जल परिदृश्य के बारे में बताया।

प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व सदस्य डॉ. दीपांकर साहा ने उथले जलभृतों (Aquifer) में भूजल की गुणवत्ता, सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक  एस.के. मोहिद्दीन ने भारत के मेट्रो शहरों में वर्षा जल संचयन और प्रबंधित जलभृत पुनर्भरण (एमएआर) तथा डेनमार्क के आरहूस विश्वविद्यालय के फैकल्टी डॉ. फिलिप ने डेनमार्क के शहरी जलभृत प्रबंधन के अनुभव साझा किए।

READ ALSO  CG : बिलासपुर हाईकोर्ट में आज से नया रोस्टर…

प्रशिक्षण के तीसरे दिन 24 सितम्बर को सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के वैज्ञानिक  मधुकर सिंह शहरी क्षेत्रों में कृत्रिम पुनर्भरण के सरल और व्यावहारिक तरीकों, बायोम एनवायर्नमेंटल, बेंगलुरु के संस्थापक और निदेशक  एस. विश्वनाथ बेंगलुरु के शहरी जलभृत प्रबंधन और सर्वोत्तम प्रथाओं तथा केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के डॉ. उदय भोंडे शहरी विकास एजेंडा के तहत शहरी जलभृत प्रबंधन परियोजनाओं की जानकारी देंगे।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins