मध्य प्रदेशराज्‍य

गृह विभाग की गाइडलाइन के तहत, जनगणना में महिला का नाम बताने के लिए परिवार पर दबाव नहीं बना सकेंगे कर्मचारी

By Admin|15 Apr 2026, 9:02 AM
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 भोपाल
 मध्य प्रदेश में आगामी जनगणना को लेकर गृह विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी किसी परिवार के सदस्य को महिला का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।

जनगणना के दौरान गलत जानकारी देने या कार्य में बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है, तो दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की सजा और आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।

दो चरणों में होगी जनगणना
राज्य में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण एक से 30 मई के बीच होगा, जिसमें मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए गृह विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

कर्मचारियों को दिए गए विशेष अधिकार
दिशा-निर्देशों के अनुसार, जनगणना कर्मचारी केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सभी प्रश्न पूछ सकेंगे और नागरिकों का उत्तर देना अनिवार्य होगा। साथ ही, कर्मचारी घर, परिसर या अन्य स्थानों में प्रवेश कर आवश्यक जानकारी एकत्र कर सकेंगे, बशर्ते वह स्थान प्रतिबंधित श्रेणी में न आता हो।

जनगणना अधिकारियों को प्रवेश से नहीं रोक सकेंगे
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जनगणना अधिकारियों को अपने घर, अहाते, जलयान या अन्य स्थानों में प्रवेश करने से नहीं रोक सकेगा। बशर्ते वह स्थान परंपरागत रूप से प्रतिबंधित न हो। साथ ही अधिकारियों को जरूरी आंकड़े दर्ज करने से भी नहीं रोका जा सकेगा।

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गृह विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है या जनगणना कार्य में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में एक हजार रुपए तक का जुर्माना है। साथ ही तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।

कई विभागों का अमला होगा तैनात
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, पंचायत और शिक्षा विभाग सहित कई विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात करने का फैसला किया है।

दस्तावेज जांच और जानकारी लेने के अधिकार
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियुक्त अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में आवश्यक जानकारी एकत्र करने, दस्तावेजों की जांच करने और जनगणना से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए अधिकृत होंगे। जरूरत पड़ने पर वे किसी भी व्यक्ति से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण भी कर सकेंगे।

जनगणना फॉर्म में 29 कॉलम, केवल SC-ST की डिटेल
2011 तक जनगणना फॉर्म में कुल 29 कॉलम होते थे। इनमें नाम, पता, व्यवसाय, शिक्षा, रोजगार और माइग्रेशन जैसे सवालों के साथ केवल SC और ST कैटेगरी से ताल्लुक रखने को रिकॉर्ड किया जाता था। अब जाति जनगणना के लिए इसमें एक्स्ट्रा कॉलम जोड़े जा सकते हैं।

बाधा डालने पर होगी कार्रवाई
यदि कोई व्यक्ति जनगणना कार्य में बाधा उत्पन्न करता है या कर्मचारियों को जानकारी एकत्र करने से रोकता है, तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में एक हजार रुपये तक का जुर्माना और तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

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अभिलेखों की जांच का भी अधिकार
कर्मचारियों को संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों का निरीक्षण करने का अधिकार भी दिया गया है, ताकि जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके।

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