कोरबा जिलाछत्तीसगढ़

CG : मेहनत की मिट्टी में उम्मीद की फसल, महतारी वंदन से सुनीता के सपनों को मिला संबल …

By kadwaghut|26 Aug 2026, 12:48 PM
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हर महीने की एक हजार रुपये की आस ने सुनीता के जीवन में जगाई नई उम्मीद
पैसों से नथनी,मिक्सी सहित अन्य घरेलू सामान भी खरीदी

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कोरबा ।/कोरबा विकासखंड के ग्राम भटगांव में रहने वाले अनिल कुमार राठिया और उनकी पत्नी सुनीता राठिया का जीवन मेहनत और संघर्ष से भरा है। कभी मजदूरी, तो कभी मौसम के अनुरूप अपने छोटे से खाली स्थान पर सब्जियां उगाकर उन्हें बाजार में बेचकर यह दंपति अपने परिवार का गुजर-बसर करता है। आमदनी सीमित है, लेकिन परिवार की जरूरतें और बच्चों के सपने बड़े हैं।

अनिल और सुनीता के दो बच्चे हैं, जो स्कूल में पढ़ते हैं। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच परिवार की छोटी-सी आय को संतुलित करना आसान नहीं होता। ऐसे समय में छŸाीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना सुनीता के लिए आर्थिक सहारे के साथ-साथ भरोसे का आधार बनी है।

सुनीता बताती हैं कि योजना के तहत उनके बैंक खाते में हर महीने एक हजार रुपये की राशि आती है। उनके लिए यह रकम भले ही छोटी दिखाई दे, लेकिन परिवार की जरूरतों के बीच इसका महत्व बहुत बड़ा है। वह कहती हैं कि जब खाते में राशि आने का भरोसा रहता है, तो घर की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने की चिंता कुछ कम हो जाती है।

आजकल सुनीता अपने घर के पास थोड़ी-सी खाली जमीन में बरबट्टी उगा रही हैं। मेहनत से तैयार की गई सब्जी को वह बाजार में बेचती हैं और उससे मिलने वाली राशि से घर का कुछ खर्च निकाल लेती हैं। इसी तरह अपनी मेहनत और शासन की सहायता को जोड़कर वह परिवार को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।

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सुनीता बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को वह जरूरत के अनुसार उपयोग करती हैं और कभी-कभी कुछ महीनों की राशि बचाकर घर के लिए उपयोगी सामान भी खरीद लेती हैं। इसी बचत से उन्होंने अपने लिए नाक की नथनी, घर में मिक्सी सहित अन्य जरूरी सामान भी खरीदा है। उनके चेहरे पर इन छोटी-छोटी उपलब्धियों की खुशी साफ दिखाई देती है।

सुनीता के लिए यह योजना केवल हर महीने मिलने वाली राशि नहीं है, बल्कि मुश्किल समय में मिलने वाला एक भरोसा है। वह कहती हैं कि पहले किसी जरूरत के लिए पैसे जुटाने में काफी सोच-विचार करना पड़ता था, लेकिन अब हर महीने खाते में एक हजार रुपये आने की उम्मीद रहती है। इससे उन्हें अपने छोटे-छोटे सपनों को पूरा करने का अवसर मिलता है।

रक्षाबंधन के पर्व पर सुनीता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहती हैं, ”मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी बहनों के लिए हर महीने राशि भेजते हैं, इससे हमें बहुत खुशी होती है। रक्षाबंधन के अवसर पर एक भाई के रूप में उनके लिए मेरा आशीर्वाद है कि वे हमेशा स्वस्थ रहें और हम बहनों के लिए इसी तरह सहयोग करते रहें।“

गांव की मिट्टी में मेहनत से उगाई गई बरबट्टी की हर फली सुनीता के लिए सिर्फ सब्जी नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की उनकी कोशिश का प्रतीक है। एक ओर वह अपने पति के साथ मेहनत कर परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके छोटे-छोटे सपनों को आकार दे रही है।

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सुनीता की कहानी यह बताती है कि जब मेहनत के साथ शासन का संबल जुड़ता है, तो सीमित साधनों वाला परिवार भी उम्मीद के साथ आगे बढ़ सकता है। महतारी वंदन योजना उनके लिए आर्थिक सहायता से बढ़कर आत्मविश्वास, सम्मान और अपने परिवार के बेहतर भविष्य की एक मजबूत आस बन गई है।

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