छत्तीसगढ़

तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे CM विष्णु देव साय, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल

By Admin|21 May 2026, 3:06 PM
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तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं

चरण पादुका वितरण कर संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह: राशन, पेयजल, शिक्षा और महतारी वंदन योजना की ली जानकारी

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आगमन पर तेंदूपत्ता संग्राहकों ने आत्मीय स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महुआ पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर  संग्राहकों से सीधा संवाद किया और कहा कि सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली। 

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मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 21 मई 2026 तक लक्ष्य से अधिक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि मुरली मनोहर सोनी, भीमसेन अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

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