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पटना परीक्षा घोटाला: मास्टरमाइंड समेत 22 लोग गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी

By Admin|16 Apr 2026, 1:41 PM
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पटना

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बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा 14 व 15 अप्रैल को आयोजित सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (एडीईओ) परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का खुलासा हुआ है। परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 15 से 20 लाख रुपये तक की वसूली की जा रही थी। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में मास्टरमाइंड, तीन लाइनर और 18 अभ्यर्थियों समेत कुल 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी के आवेदन पर मुफ्फसिल थाना में बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड सूजल कुमार (भगतचौकी), लाइनर समीर कुमार (पटना), प्रियांशू कुमार (धरहरा) और प्रशांत कुमार (कहलगांव, भागलपुर) शामिल हैं। सभी लाइनरों को होटल से तथा मास्टरमाइंड को उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला है, जिसमें सैकड़ों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड पाए गए हैं। यह गिरोह कई जिलों में सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस ग्रुप की गहन जांच कर बड़े सरगना तक पहुंचने में जुटी है।

बायोमेट्रिक के दौरान होता था खेल
पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के अनुसार, मास्टरमाइंड सूजल अपने अधीन तीन लाइनरों के जरिए पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया के दौरान ऑपरेटर से मिलीभगत कर प्रश्नपत्र की तस्वीर मोबाइल से खींचकर मास्टरमाइंड को भेजी जाती थी। इसके बाद हल प्रश्नपत्र वापस लाइनर के पास पहुंचता, जो अभ्यर्थियों को उत्तर भरने में मदद करता था। गिरफ्तार लाइनरों के पास से छोटे इलेक्ट्रॉनिक चिप भी बरामद किए गए हैं, जिनमें प्रश्नपत्र और उसके उत्तर सुरक्षित पाए गए हैं।

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कोचिंग सेंटर की भूमिका संदिग्ध
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार सभी 18 अभ्यर्थियों ने एक ही कोचिंग सेंटर के माध्यम से इस गिरोह से संपर्क किया था। पुलिस ने कोचिंग सेंटर की पहचान कर ली है और उसके संचालक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

केंद्राधीक्षक निलंबित, केस दर्ज
उपेन्द्र ट्रेनिंग स्कूल परीक्षा केंद्र की केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने बायोमेट्रिक ऑपरेटर को एंड्रॉयड मोबाइल उपयोग करने की अनुमति दी, जिससे फर्जीवाड़ा संभव हो सका।

जानें एसपी ने क्या कहा?
एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल से मिले व्हाट्सएप ग्रुप में बिहार के कई जिलों के संदिग्धों और सैकड़ों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड मिले हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही बड़े खुलासे की संभावना है।

 

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