छत्तीसगढ़बेमेतरा जिला

CG : स्पेशल लोक अदालत में चेक बाउंस के 12 प्रकरणों का हुआ निराकरण…

By kadwaghut|19 Jul 2026, 12:20 PM
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आपसी समझौते से 81.98 लाख रुपये के अवार्ड पारित, त्वरित एवं सुलभ न्याय मिला

बेमेतरा । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन तथा माननीय सरोज नंद दास, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा के निर्देशन में शनिवार को जिला न्यायालय परिसर, बेमेतरा में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 (चेक अनादरण/चेक बाउंस) से संबंधित प्रकरणों के निराकरण हेतु “स्पेशल लोक अदालत” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर रहे। इस अवसर पर जिला न्यायालय बेमेतरा से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरोज नंद दास सहित न्यायिक अधिकारीगण वर्चुअली समारोह से जुड़े।

उद्घाटन के पश्चात जिला न्यायालय परिसर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरोज नंद दास ने दीप प्रज्ज्वलित कर स्पेशल लोक अदालत का शुभारंभ किया तथा उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालयीन कर्मचारियों को अधिक से अधिक प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया। स्पेशल लोक अदालत में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के कुल 12 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया, जिनमें 81 लाख 98 हजार 960 रुपये की राशि के अवार्ड पारित किए गए। चेक अनादरण से संबंधित लंबित मामलों का आपसी समझौते, सौहार्दपूर्ण वातावरण तथा सरल, त्वरित एवं कम खर्चीली प्रक्रिया के माध्यम से निराकरण किया गया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक प्रतिनिधियों, न्यायालयीन कर्मचारियों, पैरालीगल वॉलेंटियर्स तथा पक्षकारों की सक्रिय सहभागिता रही।

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अपील प्रकरण में 11.50 लाख का विवाद 2.50 लाख रुपये में सुलझा

खण्डपीठ क्रमांक-01 के पीठासीन अधिकारी देवेंद्र कुमार, प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, बेमेतरा के समक्ष लंबित चेक बाउंस से संबंधित अपील प्रकरण क्रमांक 95/2024 का भी स्पेशल लोक अदालत में निराकरण किया गया। विचारण न्यायालय द्वारा पूर्व में अभियुक्त को 11.50 लाख रुपये प्रतिकर अदा करने का आदेश दिया गया था तथा राशि का भुगतान नहीं करने पर तीन माह के साधारण कारावास का दंड भी निर्धारित किया गया था।

स्पेशल लोक अदालत में दोनों पक्षों को समझाइश देने के बाद आपसी सहमति से 11.50 लाख रुपये के प्रतिकर के स्थान पर 2.50 लाख रुपये में राजीनामा हुआ, जिसके आधार पर प्रकरण का सफलतापूर्वक निराकरण कर अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार दो अन्य अपील प्रकरणों का भी आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया।

इलेक्ट्रॉनिक कांटा मशीन व कपड़ा दुकान के लिए ली गई राशि का विवाद भी सुलझा

खण्डपीठ क्रमांक-02 के समक्ष लंबित प्रकरण क्रमांक 3922/2022 में परिवादी एवं अभियुक्त के बीच परिचय होने के कारण अभियुक्त ने इलेक्ट्रॉनिक कांटा मशीन एवं कपड़ा दुकान हेतु सामान खरीदने के नाम पर परिवादी से नगद राशि उधार ली थी। निर्धारित अवधि में राशि वापस नहीं करने पर परिवादी द्वारा प्रस्तुत चेक बैंक से अनादरित हो गया, जिसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा।

स्पेशल लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी एवं सुलहकर्ताओं की समझाइश पर दोनों पक्षों ने बिना किसी दबाव या भय के स्वतंत्र सहमति से राजीनामा किया, जिसके आधार पर विवाद का सौहार्दपूर्ण ढंग से निराकरण कर प्रकरण समाप्त किया गया। स्पेशल लोक अदालत के माध्यम से एक बार फिर यह सिद्ध हुआ कि आपसी सहमति एवं संवाद के जरिए लंबित विवादों का त्वरित, सरल एवं प्रभावी समाधान संभव है, जिससे पक्षकारों को समय, धन और न्यायिक प्रक्रिया की जटिलताओं से राहत मिलती है।

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