छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : आयुर्वेद से बढ़ जाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता : डॉ. सिद्धांत…

By kadwaghut|30 Aug 2026, 11:02 AM
f X W

राजनांदगांव , भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक डॉ. सिद्धांत गोस्वामी ने स्वाइन फ्लू से बचाव को लेकर आयुर्वेद, योग और संतुलित जीवनशैली के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है। हालांकि एच1एन1 जैसे वायरल संक्रमण में चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक उपचार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डॉ. गोस्वामी ने बताया कि यह इन्फ्लुएंजा वायरस मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इसके सामान्य लक्षणों में ठंड लगना, सूखी खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द और बदन दर्द शामिल हैं। लक्षण बढ़ने पर समय पर चिकित्सकीय जांच और उपचार जरूरी है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में ओजस और रोग प्रतिरोधक क्षमता को स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण आधार माना गया है।

गिलोय, तुलसी, हल्दी और अदरक जैसी पारंपरिक औषधीय सामग्री का उपयोग सामान्य स्वास्थ्य एवं प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने के लिए किया जाता रहा है। इनके सेवन को चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। डॉ. गोस्वामी ने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में योग, पर्याप्त नींद, पौष्टिक एवं संतुलित खान-पान, व्यक्तिगत स्वच्छता और नियमित दिनचर्या का महत्व बढ़ गया है। स्वस्थ जीवनशैली शरीर की समग्र क्षमता को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकती है।

अगली खबर लोड हो रही है...
READ ALSO  CG : प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से ममता का घर हुआ रोशन, स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़े कदम ...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins