मध्य प्रदेशराज्‍य

केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान का किया अवलोकन

By Admin|31 May 2026, 9:16 PM
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भोपाल

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राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि वैज्ञानिक आधुनिक कृषि तकनीक का व्यवहारिक अनुभव किसानों को दें। केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान द्वारा आस-पास के क्षेत्रों के किसानों को केंद्र में आमंत्रित किया जाना चाहिए। यहाँ किसानों को उनके सामर्थ्य और आवश्यकता के अनुरूप उपयोगी आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया जाए। उन्हें कृषि यंत्रों का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाए, ताकि किसान इनका स्वयं उपयोग करने में सक्षम हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ 'मन की बात' केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, हमारे पूरे राष्ट्र की सामूहिक चेतना, शक्ति और संकल्प का प्रतीक है।

राज्यपाल  पटेल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पूर्व किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल के साथ किसानों, कृषि वैज्ञानिकों के साथ ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम का आयोजन रविवार को केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान के सभागार में किया गया था। इस अवसर पर संचालक कृषि कल्याण  उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे।

मन की बात राष्ट्र की सामूहिक चेतना

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देश के सुदूर कोनों के गुमनाम नायकों की उपलब्धियों को बताते हैं, जिनके एकल प्रयासों ने समाज में बड़े बदलाव किए हैं। यह कार्यक्रम हमें सिखाता है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता, क्योंकि जब पूरा देश एक दिशा में सोचता है और सामूहिक चेतना के साथ काम करता है, तो बड़े से बड़ा बदलाव आसानी से हो जाता है।

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केंद्र और राज्य सरकार के लिये हैं किसान कल्याण सर्वोपरि

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कृषि वैज्ञानिकों को बदलते परिवेश में खेती पर होने वाले मौसम के प्रकोप को सहने और फसलों की सुरक्षा करने की क्षमता बढ़ाने में किसानों की सहायता करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित महिला किसानों की उपस्थिति पर हर्ष व्यक्त किया। बताया कि वर्तमान में केंद्र और राज्य, दोनों ही सरकारों के केंद्र में किसान कल्याण सर्वोपरि है। सरकार किसानों के चहुंमुखी विकास और उनकी आय बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाने को तत्पर रहती है। मोदी जी के नेतृत्व में खेती को लाभकारी बनाने के लिए अनेक कार्य किए गए हैं, नई योजनाएं बनी हैं। उन्नत कृषि के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने देश में 3 करोड़ 'ड्रोन दीदी' बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि में महिलाओं की भागीदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा कृषि कल्याण वर्ष के माध्यम से आधुनिक खेती के विकास के द्वारा किसानों की आमदनी को बढ़ाने प्रयासों की सराहना की।

गुजरात के कृषि मेलों की पहल का किया स्मरण

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने अपने गृह राज्य गुजरात का संस्मरण साझा करते हुए बताया कि वे गुजरात के नवसारी के रहने वाले हैं, जहाँ एक प्रतिष्ठित कृषि विश्वविद्यालय स्थित है। उन्होंने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2007 में ऐतिहासिक 'कृषि मेलों' की शुरुआत कराई थी। इस अभिनव पहल के तहत उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों को 'लैब से फील्ड' भेजने की शुरुआत की, ताकि वैज्ञानिक सीधे किसानों से जुड़ सकें। राज्यपाल ने बताया कि इन कृषि मेलों के माध्यम से ही गुजरात में रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में वर्मी कंपोस्ट केंचुआ खाद के उपयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला, जिससे जैविक खेती की नींव मजबूत हुई। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत के महान कृषि वैज्ञानिक, स्वर्गीय डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन जी ने स्वयं गुजरात में एक माह तक प्रवास कर इन कृषि मेलों के सकारात्मक प्रभावों और उनके दूरगामी परिणामों का अध्ययन किया था।

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अनुसंधान केन्द्र का किया अवलोकन

राज्यपाल  पटेल ने कार्यक्रम के पूर्व केंद्र में विकसित किए गए आधुनिक उपकरण आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीक का अवलोकन किया। कृषि वैज्ञानिकों का उत्साह वर्धन किया और कहा कि कृषक उपयोगी यंत्रों और तकनीक के विकास को देखकर उन्हें प्रसन्नता हुई है।

केंद्र के निदेशक  सी.आर. मेहता ने स्वागत उद्बोधन में संस्थान की उपलब्धियां और नवाचार की जानकारी दी। आभार प्रदर्शन केंद्र के परियोजना समन्वयक  के.एन. अग्रवाल ने किया। मन की बात के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम के प्रारंभ में दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आई.सी.ए.आर. गान का प्रस्तुत किया गया। अनुसूचित जाति उप योजना के तहत किसानों को उन्नत कृषि किट प्रदान किए गए।

 

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