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वरिष्ठ नागरिकों के लिए मध्यप्रदेश में बड़ा सहारा, कानूनी संरक्षण और अधिकारों पर सरकार का जोर

By Admin|01 Jun 2026, 8:02 PM
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मध्यप्रदेश में वरिष्ठजनों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की सुदृढ़ व्यवस्था

कानूनी संरक्षण: अधिकारों की मजबूत नींव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को नई दिशा और गति प्रदान की गई है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित योजनाएं इसका प्रमाण हैं कि सरकार उनके सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा एवं अधिकारों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है। बदलते सामाजिक परिवेश में जहां पारिवारिक संरचना में निरंतर परिवर्तन हो रहा है, वहीं वरिष्ठजनों की देखभाल और उनके अधिकारों की रक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। इस दिशा में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं।

वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकार दिलाने के लिए माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। यह अधिनियम वरिष्ठजनों को यह अधिकार देता है कि यदि वे स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं हैं, तो वे अपने बच्चों या संबंधितों से भरण-पोषण प्राप्त कर सकते हैं।

प्रदेश में इस अधिनियम के तहत प्रत्येक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय को भरण-पोषण अधिकरण तथा जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय को अपील अधिकरण घोषित किया गया है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्राप्त हो रहा है। इसके अतिरिक्त, सामाजिक न्याय विभाग के जिला अधिकारियों को भरण-पोषण अधिकारी के रूप में नामित किया गया है, जो इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से संचालित करते हैं।

अधिनियम के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा या परित्याग को दंडनीय अपराध माना गया है, जिससे समाज में उनके प्रति उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ किया गया है। साथ ही, भरण-पोषण हेतु मासिक राशि निर्धारित करने का प्रावधान भी वरिष्ठजनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है।

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संस्थागत व्यवस्था: आश्रय और देखभाल

प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आश्रय और देखभाल की सुदृढ़ व्यवस्था की गई है। विभिन्न संस्थाओं एवं स्थानीय निकायों के माध्यम से संचालित वरिष्ठ आश्रमों में जरूरतमंद वरिष्ठजनों को आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं एवं मनोरंजन की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

इसी कड़ी में भोपाल में विकसित “संध्या छाया” वरिष्ठजन निवास एक महत्वपूर्ण पहल है। यह आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर वरिष्ठजनों को सुरक्षित, आरामदायक एवं गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करता है। यहां वातानुकूलित कक्ष, लाइब्रेरी, फिजियोथेरेपी, चिकित्सा सुविधाएं एवं मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। यह पहल दर्शाती है कि राज्य शासन वरिष्ठजनों को केवल आश्रय ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

योजनाएं और कार्यक्रम: समग्र विकास की दिशा

भारत सरकार की अटल वयो अभ्युदय योजना के माध्यम से भी राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इस योजना के तहत स्वास्थ्य देखभाल, पोषण, आजीविका, सामाजिक सहभागिता एवं जागरूकता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

वरिष्ठजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अंतर-पीढ़ी संवाद, सामूहिक गतिविधियां और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे न केवल उनकी सक्रियता बनी रहती है, बल्कि समाज में उनके अनुभवों का लाभ भी नई पीढ़ी को मिलता है।

  हेल्पलाइन और सहायता तंत्र: हर समय साथ

वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए Elder Line 14567 जैसी पहल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है। यह टोल-फ्री हेल्पलाइन वरिष्ठजनों को जानकारी, परामर्श, भावनात्मक सहयोग एवं आपात स्थिति में सहायता प्रदान करती है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से वरिष्ठजन अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं और उन्हें त्वरित समाधान प्राप्त होता है। यह सेवा न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि उन्हें यह विश्वास भी दिलाती है कि शासन हर समय उनके साथ खड़ा है।

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  सम्मान और सामाजिक स्वीकृति

वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान को बढ़ावा देने के लिए राज्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर “शतायु सम्मान” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठजनों को सम्मानित किया जाता है। यह पहल समाज में वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और प्रेरणा का वातावरण तैयार करती है।

नवाचार और सुधार

राज्य शासन द्वारा समय-समय पर नियमों में संशोधन कर व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उदाहरण के लिए, शासकीय कर्मचारियों द्वारा माता-पिता की उपेक्षा करने पर उनके वेतन से भरण-पोषण भत्ता काटकर सीधे माता-पिता के खाते में जमा करने का प्रावधान एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम है।

यह व्यवस्था न केवल वरिष्ठजनों के अधिकारों की रक्षा करती है, बल्कि परिवारों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी बढ़ावा देती है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम एक समग्र, संवेदनशील और प्रभावी तंत्र के रूप में उभरकर सामने आए हैं। कानूनी संरक्षण, संस्थागत व्यवस्थाएं, योजनाएं, हेल्पलाइन सेवाएं और सम्मान कार्यक्रम इन सभी प्रयासों ने मिलकर वरिष्ठजनों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाया है।

मध्यप्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण और उनके कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयास न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। आने वाले समय में इन पहलों के माध्यम से वरिष्ठजनों के जीवन में और अधिक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे, जो एक संवेदनशील और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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