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CG : कांदूल, भाठागांव, डोमा और दतरेंगा में अवैध प्लाटिंग वाले पुनः काबिज होने लगे …

By lokesh sharma|06 Jul 2026, 12:12 PM
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रायपुर। कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश एवं एसडीएम रायपुर के मार्गदर्शन में पिछले दिनों तहसील रायपुर अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की गई। प्रशासन द्वारा बिना वैध अनुमति के की जा रही प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को हटाया गया था। जिसके तहत ग्राम कांदूल में लगभग 2-2 एकड़ क्षेत्र में की गई अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई करते हुए निर्मित प्लिंथ को तोड़ा गया था तथा बनाए गए अवैध रोड-रास्तों को काटा गया था। इसी क्रम में ग्राम भाठागांव स्थित खसरा नंबर 940/1, 940/4 एवं 944/1 की लगभग 5 एकड़ भूमि में की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी कार्रवाई की गई थी। इस दौरान राजस्व विभाग की ओर से नायब तहसीलदार , हल्का पटवारी, कोटवार एवं नगर निगम की टीम मौजूद रहे लेकिन आज स्थिति में फिर वही ढांक के तीन पात वाली स्थिति बन गई है। अवैध कब्जाधारी फिर से अपने धंधे में लग गए हैं, आम जनता को फिर से ठगने का प्लान तैयार कर रहे हैं। जगह जगह सरकारी जमीनों में कब्ज़ा कर लोगों को सब्जबाग दिखा कर लूटने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा ग्राम डोमा में एक एकड़ तथा ग्राम दतरेंगा में 3 एकड़ से अधिक भूमि में की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई। इस दौरान तहसीलदार राममूर्ति दीवान, हल्का पटवारी एवं ग्राम कोटवार उपस्थित रहे। उसके बावजूद अवैध कब्जधरियो के होउस्ले पस्त नहि हो रहे हैं उलट अधिकारियो के जाने के बाद फ़िर् उसि जगः के आसपास अवैदः कब्जाधरियो को देखा

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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। रायपुर। रायपुर राजधानी के भाठागांव इलाके में सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर कलेक्टर से शिकायत कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि वर्षों से सड़क के रूप में दर्ज शासकीय भूमि को अब निजी व्यक्ति के नाम पर रिकॉर्ड में दर्ज दिखाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, भाठागांव स्थित खसरा क्रमांक 639/11 की भूमि वर्ष 1978 के राजस्व रिकॉर्ड से लेकर अब तक सरकारी सड़क भूमि के रूप में दर्ज रही है। यह भूमि सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी में आती है और इस पर किसी भी निजी व्यक्ति का अधिकार नहीं हो सकता।

शिकायतकर्ता बलबीर सिंह ने आरोप लगाया है कि वर्तमान ऑनलाइन राजस्व अभिलेखों में लगभग 10 हजार वर्गफुट भूमि को अश्विनी अग्रवाल के नाम पर दर्ज दिखाया जा रहा है। इस बदलाव को लेकर गंभीर संदेह व्यक्त किया गया है और इसे राजस्व रिकॉर्ड में अनियमितता बताया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि वास्तव में सरकारी सड़क भूमि को किसी निजी व्यक्ति के नाम दर्ज किया गया है, तो यह एक गंभीर प्रशासनिक और कानूनी अनियमितता है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि खसरा क्रमांक 639/11 के संपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड, नामांतरण प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि किस आधार पर और किस प्रक्रिया के तहत यह बदलाव किया गया। इसके अलावा मांग की गई है कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि नामांतरण गलत पाया जाता है तो उसे तत्काल निरस्त कर भूमि को पुनः सरकारी सड़क भूमि के रूप में दर्ज किया जाए। स्थानीय स्तर पर इस मामले के सामने आने के बाद चर्चा तेज हो गई है और लोग प्रशासन से पारदर्शी जांच की उम्मीद जता रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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