उत्तर प्रदेशराज्‍य

7,500 नए स्वयंसेवकों की भर्ती, 72 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को दिया गया प्रशिक्षण

By Admin|01 Jun 2026, 5:04 PM
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होमगार्ड संगठन को आधुनिक, प्रशिक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर, मुख्यमंत्री ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

होमगार्ड केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में ही नहीं, बल्कि आपदा राहत, भीड़ प्रबंधन, चुनावी व्यवस्थाओं, सामुदायिक सेवा तथा जनजागरूकता अभियानों में भी महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री

होमगार्ड के जवानों को अनिवार्य रूप से दी जाए सीपीआर व फर्स्ट एड की ट्रेनिंग, गोल्डन ऑवर के महत्व से भी कराया जाए अवगतः मुख्यमंत्री 

41,424 पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया जारी, सितम्बर में जारी होगा अंतिम परिणाम

सेवाकाल में मृत्यु पर आश्रितों को ₹5 लाख की अनुग्रह सहायता, दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में ₹157.65 करोड़ वितरित

₹104.80 करोड़ की 20 निर्माण परियोजनाएं प्रगति पर, प्रशिक्षण और आधारभूत संरचना को मिलेगा नया आयाम

कल्याण, प्रशिक्षण और आधुनिकीकरण पर विशेष फोकस, होमगार्ड संगठन के लिए तैयार की गई व्यापक भविष्य की कार्ययोजना

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  होमगार्ड विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि होमगार्ड संगठन उत्तर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा जनसेवा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। बदलते समय और नई चुनौतियों के अनुरूप इस संगठन को अधिक सक्षम, प्रशिक्षित, तकनीक-सक्षम और आधुनिक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग के आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण क्षमता विस्तार, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण और मानव संसाधन विकास से जुड़े सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए, ताकि होमगार्ड स्वयंसेवक प्रत्येक परिस्थिति में प्रभावी भूमिका निभा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में ही नहीं, बल्कि आपदा राहत, भीड़ प्रबंधन, चुनावी व्यवस्थाओं, सामुदायिक सेवा तथा जनजागरूकता अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और तकनीकी सशक्तिकरण के माध्यम से होमगार्ड संगठन की कार्यक्षमता को और बढ़ाया जा सकता है। 

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मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पुलिस व होमगार्ड का जवान समाज का फर्स्ट रिस्पांडर होता है। किसी भी घटना में पीड़ित के पास सबसे पहले यही पहुंचते हैं, इसलिए इन्हें सीपीआर व फर्स्ट एड की अनिवार्य रूप से ट्रेनिंग दी जाए और गोल्डन ऑवर के महत्व के बारे में भी बताया जाए। इनकी सजगता जीवन बचाने में काफी महत्वपूर्ण होती है।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 1963 में स्थापित उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन में 1,18,348 पद स्वीकृत हैं। स्थापना के समय जहां मात्र 2,000 होमगार्ड व्यवस्थापित थे, वहीं आज 67,971 होमगार्ड उपलब्ध हैं। विभाग पुलिस बल के सहयोग, सार्वजनिक व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने, आपातकालीन सेवाओं तथा लोककल्याण से जुड़े विविध दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। बताया गया कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में 3,812 होमगार्डों को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। इसके अतिरिक्त 1,091 स्वयंसेवकों को अग्नि बचाव तथा 425 को बाढ़ बचाव कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने एनरोलमेंट प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ संपन्न की जाए। बैठक में बताया गया कि 3 नवंबर 2025 को जारी उत्तर प्रदेश राज्य होमगार्ड्स एनरोलमेंट मार्गदर्शिका के अंतर्गत 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट प्रक्रिया के तहत अप्रैल 2026 में लिखित परीक्षा पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई। अंतिम परिणाम सितंबर 2026 में घोषित किए जाने की तैयारी है। चयनित अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के प्रशिक्षण संस्थानों में 90 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान जाना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्षम, अनुशासित और पेशेवर होमगार्ड बल के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। 

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मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्यप्रणाली में तकनीक के व्यापक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि पारदर्शिता और दक्षता के लिए डिजिटल प्रणालियों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षण भत्ता ₹260 प्रतिदिन से बढ़ाकर ड्यूटी भत्ते के समकक्ष कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक होमगार्ड को प्रत्येक तीन वर्ष में ₹3,000 वर्दी भत्ता प्रदान किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है।

आधारभूत संरचना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि लगभग ₹104.80 करोड़ की लागत से स्वीकृत 20 निर्माण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। 

होमगार्ड कल्याण से संबंधित उपायों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयंसेवकों और उनके परिवारों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में बताया गया कि सेवाकाल में मृत्यु की स्थिति में नामित आश्रित को ₹5 लाख की अनुग्रह सहायता प्रदान की जा रही है। दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में ₹157.65 करोड़ की अनुग्रह राशि वितरित की जा चुकी है। अप्रैल 2022 से अब तक 125 दिवंगत होमगार्ड स्वयंसेवकों के आश्रितों को विभिन्न बैंकिंग बीमा योजनाओं के माध्यम से ₹30 लाख से ₹45 लाख तक की बीमा सहायता प्राप्त हुई है। अंतरजनपदीय संचरण की स्थिति में देय दैनिक भोजन भत्ता ₹30 से बढ़ाकर ₹120 प्रतिदिन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड संगठन को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया जाए। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान को राज्य स्तरीय अत्याधुनिक संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, आधुनिक परेड ग्राउंड, ड्रिल क्षेत्र, फिजिकल ट्रेनिंग एवं ऑब्स्टेकल कोर्स, आधुनिक छात्रावास, भोजनालय, डिजिटल पुस्तकालय, डिजिटल प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म तथा सीसीटीवी आधारित सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन को आधुनिक, सक्षम, अनुशासित और जनसेवा के लिए सदैव तत्पर बल के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी प्रस्तावित योजनाओं एवं सुधारात्मक पहलों को निर्धारित समयसीमा में लागू करने के निर्देश दिए।

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