छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री टीएस सिंहदेव के पंचायत विभाग छोड़ने के बाद पिछले पांच दिन से चल रहे सियासी ड्रामे का आखिरकार अंत हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्री टीएस सिंहदेव के पंचायत विभाग के पृथक करने के आग्रह को स्वीकार कर लिया है। अब पंचायत विभाग की जिम्मेदारी रविंद्र चौबे संभालेंगे। विधानसभा के मानसून सत्र में पिछले दो दिन से विपक्षी विधायक टीएस सिंहदेव के मामले को लेकर हंगामा कर रहे थे।

गुस्र्वार शाम को मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि राज्यपाल की अनुमति के बाद टीएस सिंहदेव से पंचायत विभाग की जिम्मेदारी लेकर मंत्री रविंद्र चौबे को सौंपी गई है। वहीं, छत्तीसगढ़ के राजपत्र में सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रियों के विभागों में बदलाव की अधिसूचना भी प्रकाशित की है। इसमें रविंद्र चौबे को कृषि, पशुधन विकास, मछली पालन, जल संसाधन और संसदीय कार्य विभाग के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विभागों के नए सिरे से बंटवारे के बाद रविंद्र चौबे के पास मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बाद सबसे ज्यादा विभाग हो गए हैं। गौरतलब है कि पंचायत विभाग से खुद को पृथक करने का मुख्यमंत्री बघेल को पत्र भेजने के बाद सिंहदेव दिल्ली रवाना हो गए। वहीं, कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायकों ने सिंहदेव के पत्र को अनुशासनहीनता करार दिया।
विधायकों के हस्ताक्षर का पत्र लेकर प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया दिल्ली गए थे। वहां उन्होंने पूरे मामले की जानकारी राष्ट्रीय महामंत्री संगठन केसी वेणुगोपाल को दी थी। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो केंद्रीय नेताओं ने सिंहदेव को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह पंचायत विभाग दोबारा लेने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंजूरी दी गई।