बस्तर में इंद्रावती नदी के तटों में इन दिनों लगातार मगरमच्छ के दिखने से बस्तरवासियों में दहशत का माहौल है. इंद्रावती नदी तट के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र के किनारों पर भी मगरमच्छ के आए दिन दिखने से लोग डरे हुए हैं. हालांकि मगरमच्छ द्वारा अब तक किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने की सूचना नहीं मिली है. लोग मांग कर रहे हैं कि नदी तट के इलाके में रेस्क्यू कर मगरमच्छ को कहीं दूर छोड़ा जाए. शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी आधी आबादी नदी के पानी पर ही निर्भर हैं. ऐसे में कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
लोगों ने एक मगरमच्छ को पकड़ा
बताया जा रहा है कि सबसे पहले मगरमच्छ की बड़ी संख्या छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के सीमा पर स्थित जोरा नाला के पास देखने को मिली और उसके बाद लगातार बस्तर के इंद्रावती नदी के तट पर मगरमच्छ का दिखना शुरू हुआ. कुछ महीने पहले इंद्रावती के कड़कघाट में मगरमच्छ को देखे जाने से हड़कंप मच गया था.
बीते बुधवार की शाम मछली पकड़ने जा रहे एक मछुआरे को बड़ा मगरमच्छ दिखा. उसने बिना देरी कर मगरमच्छ को पकड़ लिया और लोगों को मदद के लिए आवाज लगाई. मगरमच्छ की खबर सुन लोग भी उसकी तरफ दौड़े और करीब आधा घंटे तक लगातार मशक्कत करने के बाद लोगों के द्वारा मगरमच्छ पर काबू पाया गया.
लोगों में दहशत का माहौल
इधर इंद्रावती नदी के तटों पर लगातार दिख रहे मगरमच्छों की वजह से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. लोगों का कहना है कि बार-बार बताने के बावजूद भी वन विभाग मगरमच्छ को लेकर लापरवाही बरत रहा है और उनकी बातों को नजरअंदाज कर रहा है. बुधवार को वार्डवासियों को मगरमच्छ मिलने की जानकारी के बाद पुलिस की 112 की टीम को बुलाया गया. जिसके बाद मगरमच्छ को कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के कर्मचारियों को सुपुर्द किया गया. बताया जा रहा है कि टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया है.
हो सकता है बड़ा हादसा
इधर लगातार वार्डवासी मांग कर रहे हैं कि वन विभाग मगरमच्छ को लेकर लापरवाही ना बरते. जिस इलाके में मगरमच्छ देखा जा रहा है उन्हीं इलाकों में रेस्क्यू करें, क्योंकि विभाग की लापरवाही से और नजर अंदाज करने से नदी तट के किनारे एक बड़ा हादसा हो सकता है. हर दिन शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में नदी तट के किनारे बड़ी संख्या में ग्रामीण निस्तारी के लिए जाते हैं.