राजनांदगांव 11 मार्च 2022। जिले की शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं में कक्षा 9वीं से 12वीं तक समग्र शिक्षा के समावेशी शिक्षा अंतर्गत दिव्यांगों को बाधिता अनुरूप अलग-अलग सुविधाएं प्रदान की जाती है। योजनांतर्गत 224 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को कुल 3 लाख 81 हजार 200 रूपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य अध्ययनरत दिव्यांग विद्यार्थियों को अध्ययन में आ रही समस्यों के निराकरण एवं उनके शिक्षण -प्रशिक्षण के लिए शालाओं में सकारात्मक वातावरण निर्मित करना है।
कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा के निर्देशानुसार कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक अध्ययनरत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए बालिका शिष्यावृत्ति, ट्रांसपोर्ट, एस्कॉर्ट एवं रीडर एलाउन्स के तहत सहायता राशि प्रदान की जा रही है। बालिका शिष्यावृत्ति अध्ययनरत दिव्यांग बालिकाओं के लिए प्रदान की जाती है। ट्रांसपोर्ट एलाउन्स अध्ययनरत दृष्टिबाधित बच्चों को प्रदान किया जाता है। एस्कार्ट एलाउंस आस्थि बाधित बच्चों को प्रदान किया जाता है। इसी प्रकार रीडर एलाउंस दृष्टि बाधित बच्चों को प्रदान किया जाता है। इनमें क्रमश: बालिका शिष्यावृत्ति के रूप में अध्ययनरत 123 बालिकाओं के लिए 200 रूपए प्रतिमाह प्रति बालिका के मान से कुल 10 माह के लिए 2 हजार रूपए की दर से कल 2 लाख 46 हजार रूपए, एस्कॉर्ट एलाउन्स के रूप में अध्ययनरत 73 विद्यार्थियों के लिए 200 रूपए प्रतिमाह प्रति विद्यार्थी के मान से कुल 6 माह के लिए 1 हजार 200 रूपए की दर से कुल 87 हजार 600 रूपए, ट्रांसपोर्ट एलाउन्स के रूप में अध्ययनरत 28 विद्यार्थियों के लिए 200 रूपए प्रतिमाह प्रति विद्यार्थी के मान से 6 माह के लिए 1 हजार 200 रूपए की दर से कुल 33 हजार 600 रूपए एवं रीडर एलाउन्स के रूप में एकमुुश्त 500 रूपए के लिए 14 हजार रूपए उनके खाते में अंतरित की जा रही है।

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