राजनांदगांव। शहर के पेंड्री वार्ड स्थित मेडिकल कालेज अस्पताल में प्रसूति व स्त्री रोग विभाग की ओर से वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) संशोधन अधिनियम 2021 के बारे में डाक्टरों की जानकारी दी गई। वेबीनार में देशभर के 317 डाक्टर शामिल हुए।
अस्पताल के प्रसूति व स्त्री रोग विभाग की एचओडी मीना आर्मो ने कहा कि एफओजीएसआई के वाइस प्रेसिडेंट डा. एमसी पटेल मुख्य वक्ता थे। एनएचएम की डिप्टी डायरेक्टर डा. सुमित्रा यादव ने भी एमटीपी एक्ट के बारे में वेबीनार के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने महिला के गर्भ की चिकित्सकीय समापन(एमटीपी) करने की अनुमति दी है, जिसने गर्भ के 22 सप्ताह पूरे कर लिए हो।क्योंकि भ्रूण कई असामान्यताओं से पीड़ित था।
2021 में इस अधिनियम में संशोधन किया गया है। बदलाव के अनुसार अब 24 सप्ताह तक गर्भपात करने की वैधानिक अनुमति दी गई है, लेकिन इसके लिए विशेष कारण का होना आवश्यक है।
वेबीनार का आयोजन जरूरी
वक्ताओं ने बताया कि कानूनी तौर पर किए गए बदलाव के संबंध में कई डाक्टर को इसकी जानकारी नहीं है। मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेग्नेंसी संशोधन अधिनियम 2021 के प्रमुख प्रावधान, महत्त्व, महिला अधिकारों से संबंधित मुद्दे पर वेबीनार में विस्तार से चर्चा की। बताया गया कि मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 (एमटीपी एक्ट) को सुरक्षित गर्भपात के संबंध में चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हुई प्रगति के कारण पारित किया था।
गर्भपात के लिए डाक्टरों की राय आवश्यक
वेबीनार में वक्ताओं द्वारा बताया गया कि 24 सप्ताह तक के गर्भ की समाप्ति के लिए पंजीकृत चिकित्सकों की राय आवश्यक होगी। भ्रूण से संबंधित गंभीर असामान्यता के मामले में 24 सप्ताह के बाद गर्भ की समाप्ति के लिए राज्य-स्तरीय मेडिकल बोर्ड की राय लेना जरूरी है। गर्भ को समाप्त करने वाली किसी महिला का नाम और अन्य जानकारी वर्तमान कानून में अधिकृत व्यक्ति को छोड़कर किसी को भी नहीं दी जाएगी।
वेबीनार में जेएनएमसी की एचओडी डा. तृप्ति नागरिया, सीनियर गायकोनालाजिस्ट डा. निर्मला यादव, एमजीएम मेडिकल कालेज अस्पताल इंदौर की यूनिट हेड प्रोफेसर डा. सुमित्रा यादव, सीनियर गायकोनोलाजिस्ट डा. विमल खुंटे, जूडिशियल एडवाइजर के रूप में एएसपी सुरेश चौबे, सीनियर एडवोकेट मुकेश शर्मा सहित अन्य शामिल हुए। एमसीएच से गायनिक डिपार्टमेंट से चेयरपर्सन बतौर डा. मीना आर्मों व असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अर्पना वर्मा और अन्य डाक्टर भी शामिल थे।