मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के वन्य क्षेत्र अब प्लास्टिक मुक्त, सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगेगा 5000 रुपये तक का जुर्माना

By Admin|25 Sep 2025, 9:05 AM
f X W

 भोपाल
 अब मध्य प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्वों में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित कर दिया गया है। एक अक्टूबर से इन्हें खोला जाएगा और इसके साथ ही प्रतिबंध लागू हो जाएगा। वन विभाग इनका कड़ाई से पालन भी करवाएगा। उल्लंघन करने पर 500 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक अर्थदंड का भी प्रविधान किया गया है।

बता दें कि पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्क प्रबंधन बायोडिग्रेडिबल पदार्थ से बनी पानी की बोतल सशुल्क उपलब्ध कराएगा। कपड़े के बैग पर्यटकों को सशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पर्यटक पार्क में प्लास्टिक बैग न लाएं। कपड़े के बैग स्व-सहायता समूह के सदस्यों से तैयार करवाए जाएंगे। इस तरह ईको (पर्यावरण हितैषी) पर्यटन से स्थानीय समुदाय की आजीविका के अवसर विकसित करने का प्रयास भी होगा। इससे उनकी वनों पर उनकी निर्भरता कम होगी और वनों का संरक्षण भी हो सकेगा।

स्थानीय समुदाय के लोगों में क्षमता विकास एवं कौशल उन्नयन के लिए गाइड प्रशिक्षण, अतिथि सत्कार, खानसामा और अनुभूति प्रेरक प्रशिक्षण दिए जाएंगे। प्रयास होगा कि ईको पर्यटन से प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जाए और स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ के अवसर प्रदान किए जा सकें।

गाइड के कौशल का होगा मूल्यांकन

इसके अलावा, राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्वों और अभयारण्यों में गाइड के कौशल का मूल्यांकन हर वर्ष किया जाएगा। अपेक्षित मापदंडों के नीचे वाले गाइड को रोस्टर से हटा दिया जाएगा। एक अक्टूबर से गाइड का शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। अब वनों में वाहन से एक राउंड के भ्रमण पर पर्यटकों को जी-वन श्रेणी के गाइड को 600 रुपये की जगह एक हजार रुपये तथा जी-टू श्रेणी के गाइड को 480 रुपये के स्थान पर 800 रुपये देने होंगे।

READ ALSO  चीनी की जमाखोरी पर सरकार का शिकंजा, Bilaspur में स्टॉक नियमों के पालन पर बढ़ेगी निगरानी

प्रदेश में नौ टाइगर रिजर्व

    कान्हा टाइगर रिजर्व

    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व
    सतपुड़ा टाइगर रिजर्व
    पेंच टाइगर रिजर्व
    पन्ना टाइगर रिजर्व
    रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व
    संजय दुबरी टाइगर रिजर्व
    डॉ. विष्णु वाकणकर (रातापानी) टाइगर रिजर्व
    माधव टाइगर रिजर्व

ये राष्ट्रीय उद्यान भी हैं। इसके अलावा दो अन्य राष्ट्रीय उद्यान यानी कुल 11 हैं। प्रदेश में 26 अभयारण्य हैं।

    सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में सिंगल यूज प्लास्टिक पहले से ही प्रतिबंधित है। अन्य टाइगर रिजर्वों और राष्ट्रीय उद्यानों में भी अब इसे प्रतिबंधित किया गया है। इसका और अधिक कड़ाई से पालन करवाया जाएगा।

    -एल. कृष्णमूर्ति, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी), वन विभाग, मध्य प्रदेश

यह होता है सिंगल यूज प्लास्टिक

यह प्लास्टिक सिर्फ एक बार इस्तेमाल करके फेंक दिया जाता है। जैसे पालीथीन बैग, प्लास्टिक स्ट्रा, कटोरी, प्लेट, कप, चम्मच, कैंडी, चाकलेट, चिप्स के रैपर आदि। इसे दोबारा उपयोग में लाना कठिन या असंभव होता है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण में सैकड़ों वर्षों तक बना रहता है। मिट्टी, पानी, जानवरों और मनुष्यों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

2

Back to top button