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टेंडर माफिया नेटवर्क पर शिकंजा, कई कंपनियों के जरिए गड़बड़ी का खुलासा

By Admin|06 Jun 2026, 3:51 PM
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पटना

बिहार में सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार मामले में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने ठेकेदार रिशु श्री के करीबी सहयोगी संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। संतोष एसवीयू में दर्ज केस (05/2025) के उन चार नामजद अभियुक्तों में शामिल है, जिसमें रिशु श्री की गिरफ्तारी हो चुकी है। संतोष कुमार उस मातृस्वा कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल था, जिस पर कई सरकारी ठेकों में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। यह कंपनी रिशु श्री की बताई जाती है। माना जा रहा है कि इस मामले में अब बड़े अधिकारियों पर जांच एजेंसी हाथ डाल सकती है। सरकार इस मामले में किसी को बख्शने के मूड में नहीं है।

संतोष पर भ्रष्टाचार में शामिल रहे बिहार सरकार के अधिकारियों तक नकदी और महंगे गिफ्ट पहुंचाने के भी आरोप हैं। एसवीयू ने संतोष की गिरफ्तारी के बाद उसे निगरानी कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में लेते हुए 11 जून तक बेऊर जेल भेज दिया गया। जांच एजेंसी उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।

सरकारी ठेकों में लेन-देन में उसकी मुख्य भूमिका
दर्ज एफआईआर के मुताबिक सरकारी ठेकों में रिशुश्री और अधिकारियों के बीच हुए भ्रष्ट लेन-देन में संतोष कुमार की मुख्य भूमिका रही थी। इस मामले में पटना से गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की गयी। फिर न्यायालय में पेशी कर जेल भेज दिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि रिशु श्री के कहने पर संतोष कुमार ने कई सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों तक रिश्वत के रूप में नकद व महंगे गिफ्ट पहुंचाए। संतोष पर भ्रष्ट अधिकारी-कर्मियों के लिए अचल संपत्तियां खरीदने का भी आरोप है। एसवीयू संतोष के जरिए उन अधिकारियों तक पहुंचना चाहती है जिन्हें टेंडर माफिया कमीशन के रूप में नगद या सेवा का लाभ पहुंचाते थे।

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इसके लिए पैसे की व्यवस्था मातृस्वा कंस्ट्रक्शन कंपनी में फर्जी व मनगढ़ंत खर्चे दिखा कर की गयी थी। इस संबंध में ईडी ने 20 जनवरी 2025 को संतोष का बयान भी दर्ज किया है। संतोष पटना के जक्कनपुर थाना अंतर्गत मीठापुर बी एरिया बंगाली रोड के रहने वाले हैं। एसवीयू ने बताया कि रिशुश्री ने संतोष कुमार के नाम से मातृस्वा कंस्ट्रक्शन प्रा लि के अलावा मेसर्स अर्बन इन्वायरमेंटल सॉल्युशंस प्रा लि कंपनी भी बना रखी थी और इनके माध्यम से सरकारी टेंडर प्राप्त करता था।

ठेके हासिल करने को बनाई थी कई कंपनियां
एसवीयू के मुताबिक रिशु श्री ने सरकारी ठेके हासिल करने के लिए कई कंपनियां बना रखी थी। इन कंपनियों के माध्यम से उसने कई सरकारी परियोजनाओं में उप ठेकेदार बन कर काम किया। कंपनियों में अपने करीबियों को निदेशक बना रखा था, ताकि उनसे मनमुताबिक काम कराया जा सके। दर्ज एफआईआर में रिशु श्री और संतोष कुमार के अलावा आईएएस संजीव हंस और मेसर्स मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार भी नामजद अभियुक्त हैं। इनके अलावा एफआईआर में बिहार सरकार के कई अज्ञात सरकारी अधिकारी व अन्य को भी आरोपित बनाया गया है।

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