Rajnandgaon: कलेक्टर बंगले के सामने ही अंधेरे में डूबी सड़क, स्ट्रीट लाइटें बंद होने से हादसे का खतरा….

लोकेश शर्मा
राजनांदगांव में सड़क प्रकाश व्यवस्था पर उठे सवाल, वीआईपी इलाके में ही अंधेरा तो शहर के अन्य क्षेत्रों का क्या होगा हाल?
राजनांदगांव। शहर में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी कलेक्टर के बंगले के सामने मुख्य मार्ग पर ही स्ट्रीट लाइटें बंद नजर आ रही हैं। रात के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मौके से ली गई तस्वीरों में सड़क का अधिकांश हिस्सा अंधेरे में दिखाई दे रहा है। वाहनों की हेडलाइट से ही सड़क पर रोशनी होती नजर आ रही है। ऐसे में रात के समय दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कलेक्टर बंगले के सामने अंधेरा, जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान क्यों नहीं?
सवाल यह उठता है कि जब कलेक्टर बंगले के सामने स्थित मुख्य मार्ग पर ही स्ट्रीट लाइटों की यह स्थिति है, तो शहर के अन्य इलाकों में प्रकाश व्यवस्था का क्या हाल होगा?
सड़क पर पर्याप्त रोशनी होना केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। विशेषकर रात में दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और बुजुर्गों के लिए अंधेरी सड़क जोखिम बढ़ा सकती है।
क्या कलेक्टर के निर्देश के बाद ही जलेंगी स्ट्रीट लाइटें?
कलेक्टर बंगले के सामने की तस्वीरें नगर निगम और संबंधित जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। आखिर स्ट्रीट लाइटों की नियमित निगरानी और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है? क्या संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण कर रहे हैं या शिकायत मिलने का इंतजार किया जा रहा है?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि स्ट्रीट लाइटें तकनीकी खराबी, विद्युत आपूर्ति में बाधा या किसी अन्य कारण से बंद हैं।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और नगर निगम इस समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेते हैं तथा कलेक्टर बंगले के सामने मुख्य मार्ग की प्रकाश व्यवस्था कब तक दुरुस्त हो पाती है।




