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मां अहिल्या की विरासत को मिलेगा नया स्वरूप, CM ने किया निरीक्षण; ₹150 करोड़ के विकास कार्यों की तैयारी

By Admin|19 Oct 2026, 3:02 PM
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 इंदौर
 लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर स्मारक को भव्य एवं बहुआयामी स्वरूप देने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लालबाग पैलेस परिसर स्थित प्रस्तावित स्मारक स्थल का निरीक्षण किया। इस मौके पर ट्रस्ट सचिव अशोक डागा ने मुख्यमंत्री को स्मारक के निर्माण संबंधी विस्तृत जानकारी दी। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एवं देवी अहिल्या स्मारक प्रतिष्ठान अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के मार्गदर्शन में स्मारक का निर्माण किया जा रहा है।

इसकी संभावित लागत 150 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने केसरबाग रोड स्थित पुराने आरटीओ भवन एवं आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर ऐतिहासिक स्थल के महत्व एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की संभावनाओं का जायजा लिया। महाजन ने मुख्यमंत्री से आगामी सिंहस्थ के पूर्व स्मारक निर्माण के प्रथम चरण का कार्य पूर्ण कराने में राज्य शासन से आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया।

कार्ययोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने व संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। समिति की योजनानुसार स्मारक तीन चरणों में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। प्रथम चरण में प्राथमिकता वाले निर्माण एवं विकास कार्यों को आगामी सिंहस्थ से पूर्व पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

पुरानी पद्धति से आरटीओ भवन का निर्माण चूना, मेथीदाना, सरस, बेलपत्र अनेक प्रकार की वास्तु के मिश्रण से किया जा रहा है, जो 300 से 400 वर्षों तक टिकाऊ होता है।

ट्रस्टी एवं उद्योगपति विनोद अग्रवाल ने भी मुख्यमंत्री से कहा कि अहिल्याबाई के जीवन, दर्शन, सुशासन, लोक कल्याणकारी कार्यों एवं सांस्कृतिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्मारक को एक सुव्यवस्थित, प्रभावी एवं बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया जाए।

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मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उज्जैन स्थित कालिदास संस्कृत अकादमी की तर्ज पर देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, कृतित्व एवं आदर्शों पर केंद्रित गतिविधियों को सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया जाए। स्मारक को केवल एक स्मृति स्थल तक सीमित न रखते हुए अध्ययन, शोध, साहित्य, सांस्कृतिक आयोजनों, ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण व नई पीढ़ी को लोकमाता के आदर्शों से परिचित कराने वाले केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए।

 

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