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यूपी सरकार का बड़ा फैसला, कई जिलों के पीसीएस अफसरों के ट्रांसफर आदेश

By Admin|13 Jul 2026, 2:51 PM
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लखनऊ
यूपी में रविवार की देर रात पीसीएस अधिकारियों का ताबड़तोड़ तबादला कर दिया गया। पहले दस पीसीएस अफसरों की लिस्ट जारी हुई। इसके कुछ देर बाद ही एक साथ 182 अधिकारियों के ट्रांसफर की लिस्ट जारी हो गई। इसमें 100 से ज्यादा उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हैं। इन तबादलों में यूपी के लगभग सभी जिलों के अधिकारी शामिल हैं। उपजिलाधिकायों के अलावा आवास विकास परिषद के सहायक आवास आयुक्त, वक्फ बोर्ड न्यायाधीकरण के रजिस्ट्रार, लखनऊ के सहायक नगर आयुक्त, स्थानीय निकाय निदेशालय के सहायक निदेशक भी शामिल हैं।

इसके अलावा उपशा की विशेष कार्याधिकारी कानपुर विकास प्राधिकरण के विशेष कार्य़ाधिकारी, यूपीडा के विशेष कार्याधिकारी, नोएडा औद्योगिक प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी, लखनऊ विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी, अलीगढ़ नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी, काशी विकास विशेष परिषद के विशेष कार्यधिकारी, मथुरा नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त, विशेष कार्य़ाधिकारी राजस्व परिषद शामिल हैं।

अफसरों का ट्रांसफर, देखिए लिस्ट
कानपुर विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी, गाजियाबाद नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त, प्रयागराज नगर निगम के सहायक नगर आय़ुक्त, अयोध्या नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त और भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विशेष कार्य़ाधिकारी शामिल हैं।

बहराइच की जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पांडेय निलंबित
बहराइच में समाज कल्याण विभाग की अनुदानित योजना में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शासन स्तर से गठित तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

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योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को बैंकों के माध्यम से वित्तीय सहायता देकर उन्हें छोटे उद्योग और सेवा क्षेत्र में स्थापित किया जाना था। बताया जा रहा है कि योजना के क्रियान्वयन में अनियमितता और अपात्रों को लाभ देने की शिकायतें शासन को मिली थीं। इसके बाद प्रमुख सचिव समाज कल्याण ने मामले की जांच के लिए संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। इसने अभिलेखों, लाभार्थियों के चयन और ऋण वितरण प्रक्रिया की जांच की। इसमें कई बिंदुओं पर मानकों का उल्लंघन और पारदर्शिता की कमी पाई गई।

जांच रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद प्रमुख सचिव ने जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पांडेय को निलंबित करते हुए विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। समाज कल्याण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने निलंबन की पुष्टि की है। योजना का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, लेकिन इसमें बरती गई लापरवाही से मंशा पर सवाल उठे। अब नए सिरे से लाभार्थियों के चयन और ऋण वितरण की प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद विभागीय कर्मियों में हड़कंप है। शासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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