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विधानसभा चुनाव से पहले सपा की तैयारी तेज, मतदाता सूची पर नजर

By Admin|13 Oct 2026, 10:33 PM
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लखनऊ
आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की सियासत में मतदाता सूची को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर पहुंच गया है। सपा ने फैसला किया है कि चुनाव आयोग के विशेष अभियान के दौरान मतदाता सूची की एक खामी को हर दिन उजागर किया जाएगा। सोमवार से ही इस अभियान की शुरुआत कर दी गई है। इसके तहत सबसे पहले डुप्लीकेट मतदाता और नए मतदाताओं के नाम पर फर्जीवाड़ा पर फोकस किया जा रहा है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी ने अब यह तय किया है कि वह हर दिन मतदाता सूची की एक नई विसंगति को सार्वजनिक करेगी, ताकि एक पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित चुनावी प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जा सके। हर दिन एक नए मामले या विसंगति को जनता और मीडिया के सामने लाकर सपा एक तरफ जहां सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं को भी इस मुहिम से सक्रिय करने में जुटी है।

सपा का कहना है कि जब हाल ही में विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी हुई है, जिसमें अनुपस्थित, दूसरी जगह शिफ्ट हुए और मृत मतदाताओं को हटाया गया है। फॉर्म-6 भरवाकर नए मतदाता भी बनाए गए हैं तो अब एक माह के विशेष अभियान की कोई तुक नहीं समझ में आ रही है। वो भी तब, जब विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) भी होना है।

एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं के शहर और गांव दोनों जगह की मतदाता सूची में नाम था, उनमें से तमाम मतदाताओं ने शहर से अपना वोट कटवा दिया है। जबकि, वे शहर में ही रहते हैं। ऐसे में सपा को आशंका है कि भाजपा फिर से इन मतदाताओं के नाम शहर में जुड़वा सकती है, ताकि उसका वोट बैंक प्रभावित न हो। इससे वोट की डबलिंग फिर से हो जाएगी और एसआईआर की प्रक्रिया पर खर्च किए करोड़ों रुपये का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। सपा के प्रदेश सचिव केके श्रीवास्तव कहते हैं कि इस अभियान के दौरान सत्तापक्ष बड़ी गड़बड़ कर सकता है। इसलिए हम आयोग के दफ्तर में लगातार जाकर भी अपनी बात रखेंगे।

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वोट की डबलिंग आसानी से पकड़ लेगा आयोग का सॉफ्टवेयर
प्रदेश के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी अखंड प्रताप सिंह कहते हैं कि चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर में डुप्लीकेसी और एक से अधिक प्रविष्टियों को स्वतः पकड़ने की मजबूत व्यवस्था है। यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य स्थान की मतदाता सूची में पहले से पंजीकृत मिलता है, तो सॉफ्टवेयर उसे मैच या संभावित डुप्लीकेट के रूप में चिह्नित कर देता है।

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