राजनांदगांव : हर चीज से हमें कोई न कोई सीख मिलती ही है: श्रेयांशप्रभ…
राजनांदगांव , ज्ञान वल्लभ उपाश्रय भवन में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन में खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर के शिष्य श्रेयांशप्रभ सागर ने सोमवार को कहा कि सदगुण भी देखिए और दुर्गुण भी देखिए, दुर्गुण से सीख लीजिए तथा उसे सद्गुण में बदल दीजिए। दुर्गुण को अपनाए नहीं बल्कि उसे देखकर सीख लीजिए।
उन्होंने कहा कि हर चीज से हमें कोई न कोई सीख मिलती ही है, उसे ग्रहण करने की क्षमता हममें होनी चाहिए। कहा कि हमें बहुत लोग मिलते हैं, उनमें से कुछ लोगों को देखते ही हमें सुकून मिलता है। उनका आभा मंडल ही ऐसा होता है जो हमें प्रभावित करता है। उन्हें देखकर हमें काफी शांति मिलती है और दुख खत्म हो जाते हैं तथा चिंता मिट जाती है। हमें उनसे भी सीख लेनी चाहिए ताकि हमें देखने पर भी लोगों के मन में हमारे प्रति अहोभाव आए। हम अपने जीवन को बेहतर बना सके, इसके लिए हमें विनम्र रहने और सदैव सीखते रहने की निरंतर आवश्यकता है।
इस संसार में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसे कोई दुख ना हो। हर व्यक्ति के पास कोई ना कोई दुख अवश्य है। एक बार बैठकर अपने ही समक्ष अपने दिल का सारा गुबार निकाल दो। मुनिश्री ने कहा कि खुश होने में काफी समय लगता है और दुखी होने में एक पल भी नहीं लगता। हम झगड़ा करते हैं और सोचते हैं कि सॉरी बोलकर हमने सब मामला सुलझा लिया।




