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जयपुर में PAM बैठकें: बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी पर चर्चा

By Admin|15 Jun 2026, 9:51 PM
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 जयपुर
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सोमवार को अभिभावक-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बैठक (PAM) का आयोजन किया गया। इस माह की बैठक का मुख्य विषय "पोषण, संतुलित आहार एवं स्वास्थ्य" तथा "बच्चे के जीवन में पिता की भूमिका" रहा।

शासन सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती पूनम ने बताया कि बच्चों के समग्र विकास में पिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में आयोजित PAM की बैठकों के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास के लिए जन-जागरूकता को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के सामग्र विकास हेतु परिवारों की सहभागिता को और खास कर पिता की भूमिका को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किये जाएंगे।

आईसीडीएस निदेशक  वासुदेव मालावत ने बताया कि बैठक में बच्चों के सर्वांगीण विकास, पोषण, स्वास्थ्य, प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) तथा परिवार की सामूहिक भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बार PAM बैठकों में पिता, दादा, चाचा एवं अन्य पुरुष अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। अमावस्या के अवसर पर आयोजित इस बैठक का उद्देश्य परिवार के पुरुष सदस्यों को बच्चों के विकास में सक्रिय भागीदार बनाना तथा उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करना रहा।

उन्होंने बताया कि PAM बैठक में यह संदेश दिया गया कि "एक पिता का हाथ पकड़कर चलना बच्चे को पूरी दुनिया की ताकत देता है।" PAM कार्यक्रम केवल एक बैठक नहीं, बल्कि परिवार एवं समुदाय को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट करने का सशक्त माध्यम है।

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PAM में अभिभावकों को बताया गया कि पिता की सक्रिय सहभागिता बच्चों को भावनात्मक सुरक्षा, आत्मविश्वास तथा सकारात्मक वातावरण प्रदान करती है। शोधों के अनुसार जिन बच्चों को पिता का पर्याप्त समय और मार्गदर्शन प्राप्त होता है, उनमें बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास बेहतर होता है। पिता बच्चों को साहस, धैर्य, अनुशासन एवं जिम्मेदारी जैसे जीवन मूल्यों की शिक्षा देते हैं। साथ ही उनकी सहभागिता से बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है।

PAM बैठक के दौरान अभिभावकों को बच्चों के नियमित पोषण, स्वास्थ्य जांच एवं वृद्धि निगरानी के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के समस्त बच्चों का APAR ID एवं ABHA ID तैयार करवाने, आधार नामांकन सुनिश्चित करने तथा बच्चों की नियमित उपस्थिति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों के साथ केन्द्र की आगामी कार्ययोजना, बच्चों की नियमित उपस्थिति, शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों तथा पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन पर चर्चा की। अभिभावकों को यह भी बताया गया कि बच्चों के विकास में माता-पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी महिला पर्यवेक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि बैठक की ऑनलाइन रिपोर्टिंग निर्धारित प्रारूप में 18 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें, जिससे कार्यक्रम की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।

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