मध्य प्रदेशराज्‍य

खाद्य विभाग की जांच में बड़ा खुलासा, पैक्ड घी में खतरनाक सीसा तय मानक से 10 गुना अधिक

By Admin|08 Oct 2026, 2:32 PM
f X W

इंदौर
 मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में लोगों की सेहत के साथ एक बड़ा खिलवाड़ सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया जांच में पैक्ड घी के नाम पर जहर बिकने की बात उजागर हुई है।जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि बीते तीन महीने यानी जुलाई से सितंबर के दौरान लिए गए घी के नमूनों में भारी मिलावट और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक 'सीसा' पाया गया है।

जांच के चौंकाने वाले आंकड़े

कुल जांचे गए सैंपल- 96

फेल हुए सैंपल- 28 (जिनमें 24 असुरक्षित और 4 अवमानक पाए गए)
बाजार में पहुंचा दूषित घी

मिली जानकारी के अनुसार, असुरक्षित पाए गए 24 सैंपलों से करीब 17000 लीटर घी का स्टॉक जुड़ा हुआ है। विभाग की कार्रवाई से पहले ही इसका 15 से 20% हिस्सा यानी लगभग 2550 से 3400 लीटर बाजारों तक पहुंचकर बिक चुका है। ये ज्यादातर मिलावटी और असुरक्षित ब्रांड गुजरात और महाराष्ट्र की कंपनियों के बताए जा रहे हैं।

किन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई?
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इंदौर के कई प्रमुख इलाकों में डिपो और विक्रेताओं के ठिकानों पर यह कार्रवाई की है। 

    लसूड़िया, देवास नाका और बांगड़दा।
    सियागंज, पालदा और लोहामंडी।
    मल्हारगंज और राजेंद्र नगर।

घी में 'सीसा' आया कहां से?
विशेषज्ञों के अनुसार, नकली या घटिया घी को असली जैसा दिखाने के लिए उसमें मिलाए जाने वाले हानिकारक रंग, केमिकल या तेल/वसा में सीसा हो सकता है। इसके अलावा, प्लास्टिक की पैकेजिंग और स्टोरेज के ड्रमों के संपर्क में आने से भी घी में सीसे के अंश घुलने की आशंका जताई गई है।

READ ALSO  पुलिस को देखते ही पुनपुन नदी में कूदे लोग, 60 में से दो की डूबने से मौत

सेहत के लिए कितना खतरनाक है सीसा?
घी में सीसे की स्वीकार्य सीमा 0.02 mg/kg होती है, लेकिन जांचे गए 10 सैंपलों में यह मात्रा 0.10 से 0.21 mg/kg यानी तय सीमा से 5 से 10.5 गुना तक ज्यादा मिली है। इसका अलग-अलग वर्गों पर बेहद घातक असर पड़ता है।

बच्चों पर कैसा असर?
बच्चों पर इसके असर की बात करें तो इससे बच्चों के IQ स्तर में कमी और सीखने की क्षमता कमजोर हो सकती है। एकाग्रता की कमी और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। शरीर और हड्डियों का विकास धीमा पड़ सकता है।

वयस्कों पर कैसा पड़ता है असर?
इसके लगातार सेवन से वयस्को को हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह धीरे-धीरे गुर्दों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। साथ ही शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में रुकावट पैदा करता है।

गर्भवती महिलाओं पर असर भी समझिए
बता दें कि गर्भावस्था के दौरान सीसे के संपर्क में आने से गर्भपात, समय से पहले प्रसव, या होने वाले नवजात शिशु के दिमागी विकास पर बुरा असर पड़ सकता है।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins