मध्य प्रदेशराज्‍य

कागपुर तालाब को मिला कंजर्वेशन रिजर्व का दर्जा, नीलकंठ समेत कई पक्षियों को मिलेगा नया जीवन

By Admin|29 Aug 2026, 12:31 PM
f X W

विदिशा
 जिले से करीब 32 किमी दूर स्थित ग्राम कागपुर के तालाब की पहचान अब सिर्फ पानी के स्रोत के रूप में नहीं, बल्कि पक्षियों के सुरक्षित ठिकाने के रूप में भी होगी। राज्य सरकार ने कागपुर तालाब और आसपास के 53.5 हेक्टेयर क्षेत्र को कागपुर पक्षी संरक्षण रिजर्व घोषित कर दिया है। इसके लिए मध्यप्रदेश राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई। इससे लंबे समय से पक्षियों की मौजूदगी के कारण पहचान बना चुके इस क्षेत्र को अब सरकारी स्तर पर संरक्षण मिलेगा।

दो नदियों के बीच है तालाब
कागपुर गांव में स्थित तालाब दो नदियों के बीच है। तालाब में सालभर पानी और आसपास का प्राकृतिक वातावरण पक्षियों के लिए अनुकूल है। वन विभाग के शुरुआती सर्वे में यहां बड़ी संख्या में पक्षी पाए गए हैं। इनमें बगुला, ब्लैक आइबिस, रामचिरैया और नीलकंठ प्रमुख हैं। पक्षियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए क्षेत्र को सुरक्षित रखने की जरूरत महसूस की गई थी।

सरकार की अधिसूचना के बाद कागपुर तालाब के आसपास का निर्धारित क्षेत्र पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने के लिए सुरक्षित रहेगा। राजपत्र में इस क्षेत्र की सीमाएं भी तय की गई हैं। इसमें कागपुर गांव के खसरा नंबर 125 और 126 सहित आसपास की कुछ जमीन शामिल है। कुल क्षेत्रफल 0.535 वर्ग किलोमीटर यानी 53.5 हेक्टेयर है।

नौ माह पहले सीएम ने की थी घोषणा, अब मिला सरकारी दर्जा
मालूम हो, भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह कागपुर के ही रहने वाले है। पिछले साल 21 नवंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उन्हीं के आमंत्रण पर कागपुर गांव पहुंचे थे और उन्होंने कागपुर को पक्षियों के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाने की घोषणा की थी।

READ ALSO  जैन विरासत को संवार रही योगी सरकार, अक्टूबर में पूरा होगा छदामी लाल जैन मंदिर का विकास

नौ माह नद अब सरकार ने राजपत्र में अधिसूचना जारी कर इस घोषणा को अमल में ला दिया है। इससे कागपुर तालाब क्षेत्र में पक्षियों को संरक्षण मिलने के साथ ही भविष्य में इसे देखने और प्रकृति से जुड़ने के लिए विकसित करने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins