छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : 200 करोड़ की सडक़ का क्वालिटी टेस्ट, अब रिपोर्ट का इंतजार, बड़ी गड़बड़ी का खुलेगा राज…

By kadwaghut|07 Oct 2026, 3:25 PM
f X W

राजनांदगांव | करोड़ों रुपए की लागत से बन रही खैरागढ़-राजनांदगांव और राजनांदगांव से मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तक की सडक़ अब गुणवत्ता के सवालों में घिर गई है। निर्माण में निर्धारित मापदंडों की अनदेखी और गुणवत्ता से समझौते की शिकायत के बाद राजधानी स्तर पर जांच टीम गठित की गई है। सोमवार को टीम ने खैरागढ़-राजनांदगांव मार्ग पर पहुंचकर कई स्थानों पर सडक़ की गुणवत्ता परखी और करीब 10 से 15 जगहों से डामर के सैंपल लिए।

माप के साथ डामरीकरण की गहराई भी जांची गई
जांच टीम ने केवल सडक़ की ऊपरी सतह देखने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। सडक़ की लंबाई और चौड़ाई की माप के साथ डामरीकरण की गहराई भी जांची गई। लिए गए सैंपलों को परीक्षण के लिए लैब भेजा गया है। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि सडक़ निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और डामर निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप है या नहीं। सडक़ निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शासन स्तर पर जांच शुरू होने से निर्माण एजेंसी और ठेकेदारों में हलचल मची हुई है। करोड़ों रुपए की परियोजना में यदि तकनीकी मानकों से किसी तरह का समझौता पाया जाता है तो जिम्मेदारी तय होने की संभावना है।

राजनांदगांव-मानपुर मार्ग पर भी पड़ताल
इधर राजनांदगांव से मानपुर तक निर्माणाधीन सडक़ की भी जांच की गई। यहां टीम ने सडक़ की खोदाई और बेस निर्माण के काम को जांच के दायरे में लिया। यह देखा गया कि ठेकेदार की ओर से निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप सडक़ की नींव तैयार की गई है या नहीं। निर्माण की प्रक्रिया में इस्तेमाल सामग्री और बेस की गुणवत्ता को लेकर भी पड़ताल की गई।

READ ALSO  समूह से मिला एक लाख रुपये का सहारा, दुकान और ठेले से आत्मनिर्भर बनीं लाजो

अब जाकर जागा सिस्टम
भाजपा नेता भरत वर्मा ने दोनों सडक़ों की बदहाली और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शासन स्तर पर शिकायत की थी। शिकायत में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मापदंडों के पालन पर सवाल उठाए गए थे। खास बात यह है कि सत्ता पक्ष से जुड़े नेता द्वारा ही सरकार और निर्माण व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया और राजधानी स्तर से जांच टीम भेजी गई। अब सडक़ से उठाए गए सैंपलों की लैब रिपोर्ट पर सबकी नजर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह साफ होगा कि करोड़ों की सडक़ के निर्माण में वास्तव में गुणवत्ता के साथ समझौता हुआ है या शिकायत महज आरोप तक सीमित है। फिलहाल जांच ने निर्माण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और रिपोर्ट आने तक जिम्मेदारों की नजरें टिकी हुई हैं।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins