छत्तीसगढ़गरियाबंद जिला

CG : अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री पर प्रेमलता को मिली आर्थिक राहत …

By kadwaghut|05 Oct 2026, 12:14 PM
f X W

ऑनलाइन सुविधाओं से समय भी बचा

Advertisement
Advertisement

गरियाबंद । अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचीं गरियाबंद जिले के पारागांव निवासी श्रीमती प्रेमलता गिरी को पंजीयन व्यवस्था में किए गए सुधारों से दोहरा लाभ मिला। महिला क्रेता होने के कारण पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट से उन्हें करीब 2,430 रुपये की आर्थिक राहत मिली, वहीं ऑनलाइन और डिजिटल सुविधाओं के कारण उनका समय भी बचा। रजिस्ट्री से पहले ही संपत्ति के बाजार मूल्य और लगने वाले शुल्क की जानकारी मिली, सुगम एप से जमीन की पहचान सुनिश्चित हुई और पंजीयन के बाद दस्तावेज भी व्हाट्सएप पर प्राप्त हो गया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने इन सुविधाओं से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व को प्रोत्साहित करने के साथ पंजीयन सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए विभिन्न सुधार लागू किए गए हैं। महिलाओं के पक्ष में संपत्ति अंतरण संबंधी दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इस प्रकार महिला क्रेताओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की राहत मिल रही है।

पंजीयन से पहले मिली शुल्क की जानकारी, रजिस्ट्री का खर्च भी हुआ कम

श्रीमती प्रेमलता गिरी ने बताया कि पंजीयन से पहले ही संपत्ति के बाजार मूल्य और लगने वाले विभिन्न शुल्कों की जानकारी उपलब्ध होने से उन्हें पूरी प्रक्रिया और खर्च को समझने में आसानी हुई। अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर महिला क्रेता के रूप में पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिली, जिससे उन्हें करीब 2,430 रुपये की बचत हुई। यह आर्थिक राहत उनके लिए सीधे तौर पर उपयोगी साबित हुई। श्रीमती गिरी ने महिलाओं के नाम संपत्ति के पंजीयन को प्रोत्साहित करने वाली इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शुल्क में कमी से महिलाओं के लिए अपने नाम संपत्ति का पंजीयन कराना अधिक किफायती हुआ है।

READ ALSO  CG : लाफा में नशामुक्ति की शपथ लेकर ग्रामीणों ने निकाली जागरूकता रैली…

सुगम एप से जमीन की पहचान, ऑनलाइन सुविधाओं से कम हुई दौड़भाग

पंजीयन प्रक्रिया में डिजिटल सुविधाओं का लाभ भी श्रीमती प्रेमलता गिरी को मिला। ऑनलाइन दस्तावेज तैयार करने, आधार आधारित पहचान सत्यापन और डिजिटल माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने जैसी सुविधाओं से रजिस्ट्री की प्रक्रिया अधिक सहज हुई। आवश्यक जानकारी पहले से उपलब्ध होने और प्रक्रियाओं के ऑनलाइन होने से उनका समय बचा तथा कार्यालय के अनावश्यक चक्कर भी कम हुए। सुगम एप के माध्यम से पंजीकृत की जा रही जमीन की पहचान सुनिश्चित करने में भी सुविधा मिली। इससे संपत्ति से संबंधित जानकारी को अधिक स्पष्टता के साथ सत्यापित किया जा सका।

रजिस्ट्री के बाद व्हाट्सएप पर मिला दस्तावेज

श्रीमती गिरी के लिए एक और महत्वपूर्ण सुविधा पंजीयन के बाद दस्तावेज का डिजिटल माध्यम से मिलना रही। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद पंजीकृत दस्तावेज उन्हें व्हाट्सएप पर प्राप्त हुआ। इससे दस्तावेज प्राप्त करने के लिए अलग से कार्यालय जाने की जरूरत कम हुई और पूरी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनी। श्रीमती प्रेमलता गिरी ने पंजीयन शुल्क में राहत और डिजिटल सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी तथा पंजीयन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत से रजिस्ट्री का खर्च कम होने के साथ उनके नाम संपत्ति के पंजीयन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी उनकी आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सामने आया श्रीमती प्रेमलता गिरी का अनुभव बताता है कि शुल्क में राहत और तकनीक आधारित सुविधाएं मिलकर पंजीयन प्रक्रिया को कम खर्चीला और अधिक सुविधाजनक बना रही हैं। करीब 2,430 रुपये की बचत, सुगम एप से जमीन की पहचान और व्हाट्सएप पर पंजीकृत दस्तावेज मिलने जैसी सुविधाओं ने उनके लिए रजिस्ट्री के अनुभव को आसान बनाया है।

READ ALSO  CG : छत्तीसगढ़ में IAS अधिकारियों के प्रभार में बदलाव, GAD ने जारी किया आदेश ...
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins