बिहार / झारखण्डराज्‍य

100 प्रधानाचार्यों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम, CM स्कूलों में CBSE, ICT और कौशल शिक्षा का बनेगा रोडमैप

By Admin|02 Oct 2026, 7:31 PM
f X W

रांची
 रांची में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) की ओर से धुर्वा स्थित प्रेक्षागृह में नव चयनित 100 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (सीएम-एसओई) के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों के लिए राज्यस्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इन स्कूलों में अगले सत्र से पढ़ाई शुरू होगी.

Advertisement
Advertisement

कार्यक्रम में आदर्श विद्यालय योजना के विजन और मिशन को लागू करने, स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की प्रक्रिया, शैक्षणिक व भौतिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और पहले से चल रहे सीएम स्कूलों के अनुभवों पर चर्चा हुई.

विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर अपनाएं शिक्षण पद्धति
जेईपीसी के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर (एसपीडी) शशि रंजन ने सरकारी स्कूलों को उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करने की रणनीति की जानकारी दी. उन्होंने नये 100 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों से नेतृत्व की जिम्मेदारी लेने, विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर शिक्षण पद्धति अपनाने और सीबीएसई संबद्धता के लिए निर्धारित समय सीमा के अनुसार कार्य करने पर जोर दिया.

CBSE संबद्धता के लिए 90 दिन का एक्शन प्लान
जेईपीसी के विशेषज्ञों ने स्कूलों के संचालन और विकास से जुड़े विषयों पर कार्ययोजना प्रस्तुत की. पीएमयू के प्रोग्राम स्पेशलिस्ट डॉ मनोहर लाल ने सीबीएसई संबद्धता के लिए जरूरी मानकों, दस्तावेजों और शैक्षणिक मापदंडों की जानकारी दी. उन्होंने तीन माह की कार्ययोजना के तहत चरणबद्ध तरीके से आवश्यक तैयारियां पूरी करने की जानकारी दी.

मजबूत होगी स्कूलों की आधारभूत संरचना
सिविल वर्क मैनेजर किरण सिन्हा ने कक्षा-कक्षों के आधुनिकीकरण, सुरक्षा मानकों, चारदीवारी और अन्य संरचनात्मक सुधारों की जानकारी दी. सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के निर्धारित मानकों के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करने पर जोर दिया गया.

READ ALSO  जीरो बैलेंस खाते से रियायती लोन तक, राजस्थान के कर्मचारियों-पेंशनर्स को मिलेंगे बड़े फायदे

स्मार्ट क्लास और ICT पर जोर
एसीपी संजीव कुमार गुप्ता ने स्कूलों में डिजिटल संसाधनों के उपयोग और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था की जानकारी दी. स्मार्ट क्लास, ICT लैब, डिजिटल कंटेंट और तकनीक आधारित शिक्षण पद्धति को प्रभावी तरीके से लागू करने की रणनीति बतायी गयी.

व्यावसायिक शिक्षा और लैब विकसित करने की योजना
व्यावसायिक शिक्षा के नोडल पदाधिकारी अमित कुमार ने स्कूलों में विशेष व्यावसायिक लैब स्थापित करने और रोजगारोन्मुखी कौशल पाठ्यक्रम शुरू करने की जानकारी दी. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा के साथ कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है.

पुराने सीएम स्कूलों के प्राचार्यों ने साझा किये अनुभव
कार्यक्रम में पहले से संचालित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के प्रधानाध्यापकों ने अपने अनुभव साझा किये. उन्होंने स्कूल के विकास के दौरान सामने आयी चुनौतियों, समुदाय की भागीदारी और संस्थागत बदलाव से जुड़े अनुभव नये स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ साझा किये.

जेसी बोस सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, गिरिडीह के प्रधानाध्यापक मुन्ना प्रसाद कुशवाहा, बीपीएम सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बर्मामाइंस, जमशेदपुर की प्रधानाध्यापिका रंजिता गांधी और जिला सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, लातेहार की प्रधानाध्यापिका तृप्ति भारती ने अपने अनुभव बताये.

100 प्रधानाध्यापकों ने पूछे सवाल
कार्यक्रम के दौरान 100 नये सीएम स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया. इसमें सीबीएसई संबद्धता में आने वाली समस्याओं, प्रशासनिक प्रबंधन, आधारभूत संरचना और कार्यों की समय सीमा से जुड़े सवालों का समाधान किया गया.

कार्यक्रम के समापन पर जेईपीसी के डिप्टी डायरेक्टर सह सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के नोडल पदाधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने संबोधन किया और धन्यवाद ज्ञापन दिया. उन्होंने आदर्श विद्यालय योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने को मुख्य उद्देश्य बताते हुए सभी प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों से स्कूलों को बेहतर बनाने की दिशा में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया.

READ ALSO  SIR को लेकर आमने-सामने BJP-कांग्रेस, CM भजनलाल के बयान पर गहलोत ने उठाए सवाल
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins