बिहार / झारखण्डराज्‍य

मधेपुरा के किसानों पर बाढ़ की मार, 11 करोड़ से ज्यादा फसल नुकसान; अब मिलेगा मुआवजा

By Admin|30 Sep 2026, 9:41 PM
f X W

मधेपुरा
कोसी नदी के मुहाने पर बसे जिले के आलमनगर एवं चौसा प्रखंड में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। दोनों प्रखंडों की 16 पंचायतों के किसानों की खेतों में लगी फसलें पूरी तरह डूब गईं। आलमनगर की नौ पंचायतों में 2745 हेक्टेयर और चौसा प्रखंड की सात पंचायतों में 3819 हेक्टेयर में धान की फसल बर्बाद हुई है।

Advertisement
Advertisement

17 हजार प्रति हेक्टेयर की दर से किए गए आकलन के अनुसार चौसा प्रखंड में छह करोड़ 49 लाख 23 हजार रुपये और आलमनगर प्रखंड में चार करोड़ 66 लाख 65 हजार रुपये का नुकसान है।

कृषि विभाग के सर्वे के अनुसार कुल मिलाकर 11 कराेड़ 15 लाख 88 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। यह आंकड़ा 33 प्रतिशत से अधिक बर्बाद हुए फसलों की है। जबकि किसानों का कहना है कि क्षति इससे अधिक की है।

मुआवजा की प्रक्रिया शुरू, 29 सितंबर तक लिया गया आवेदन
कृषि विभाग के अनुसार मुख्यालय को फसल क्षति का आकलन रिपोर्ट भेज दिया गया है। मुआवजा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 23 सितंबर से 29 सितंबर तक किसानों से आवेदन लिया गया।

29 सितंबर की शाम पांच बजे तक कुल 21667 किसानों के द्वारा आनलाइन आवेदन किया गया है। इसके बाद तीन-चार स्तरों पर सत्यापन की प्रक्रिया के उपरांत मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

महाजन से कर्ज लेकर खेती की, अब जीविका पर संकट
रतवारा गांव के किसान सुमन शर्मा बताते हैं कि धान रोपनी के समय बारिश नहीं होने के कारण मजबूरन पंपसेट सिंचाई कर मजदूरों की मदद से खेती की। जिस कारण लागत भी बढ़ गई। बाढ़ के कारण फसल बर्बाद होने से अब भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कृषि ही एकमात्र जीविका का साधन है।

READ ALSO  बिहार में महिला सुरक्षा पर फिर सवाल, समस्तीपुर घटना का वीडियो वायरल; दो युवकों की पहचान

गंगापुर पंचायत के कोलवारा टोला निवासी किसान अवधेश कुमार मंडल ने कहा कि हम जैसे छोटे किसान महाजन के कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। कर्ज लेकर खेती की वह भी बाढ़ में डूब गया। खेतों में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई है। सरकार 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर ही मुआवजा देती है।

पंचायत स्तर पर सर्वे करवाकर मुख्यालय को फसल क्षति का रिपोर्ट भेज दिया गया है। 29 सितंबर तक किसानों से आवेदन लिए गए हैं। 30 सितंबर से आवेदन की सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद संबंधित किसानों के खाते में मुआवजे की राशि अंतरित की जाएगी। – रितेश रंजन, जिला कृषि पदाधिकारी।

पंचायतवार आंकड़े
क्रमांक     पंचायत                    फसल क्षति (हेक्टेयर में)
1            आलमनगर पूर्वी              130
2            आलमनगर दक्षिणी          165
3            बरगांव                          250
4            बसनवाड़ा                       210
5            गंगापुर                          450
6            इटहरी                            310
7            खापुर                            360
8             रतवारा                           490
9             कुंजौरी                             380
कुल क्षति (आलमनगर)                      2745

READ ALSO  1 जनवरी 2027 से नहीं चलेंगे डीजल ऑटो, अलवर में CNG-इलेक्ट्रिक को मिलेगा बढ़ावा
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins