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Rajnandgaon: नीरज बाजपाई इंटरनेशनल स्कूल में छात्रों के बीच मारपीट, एक छात्र निलंबित !

By kadwaghut|02 Sep 2025, 1:47 PM
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राजनांदगांव।
शहर से महज तीन कुछ किलोमीटर दूर स्थित अंतर्राष्ट्रीय मानकों से शिक्षा देने का दावा करने वाली प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था नीरज बाजपाई इंटरनेशनल स्कूल में अनुशासनहीनता का गंभीर मामला सामने आया है। हायर सेकेंडरी  के  दो छात्रों के बीच आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। मारपीट के दौरान एक छात्र की हालत बिगड़ गई और उसे मूर्छित अवस्था में उपचार हेतु अस्पताल ले जाना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झगड़े में घायल छात्र के मुंह से झाग आने लगे और उसकी हालत गंभीर हो गई। आनन-फानन में स्कूल प्रबंधन ने छात्र को चादर में लपेटकर शहर के निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज किया गया। निश्चित रूप से स्थिति इतनी गंभीर रही होगी जिसमें स्कूल के रखे फर्स्ट एड बॉक्स से काम नहीं चल पाया होगा और छात्र की स्थिति को देखते हुए कोई बड़ी चिकित्सा सुविधा वाले जगह जाना पड़ा।

*👉जिम्मेदारी पर उठे सवाल*
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
जिस संस्थान को उत्कृष्ट शिक्षा और अनुशासन के लिए जाना जाता है, वहीं यदि छात्र इस कदर आक्रामक हो जाएं तो यह संस्था की साख पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
घटना इतनी गंभीर थी कि (एमएलसी) मेडिको-लीगल केस बनना चाहिए था, लेकिन इसकी सूचना न तो पुलिस तक पहुंचाई गई और न ही जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई।
अभिभावकों को केवल बुलाकर समझाइश देकर मामला दबाने की कोशिश, पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।

*👉स्कूल प्रबंधन की कार्रवाई*
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी छात्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही, दोनों पक्षों के अभिभावकों को स्कूल बुलाकर समझाइश दी गई। प्रबंधन का कहना है कि बच्चों के बीच हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को हल्के में नहीं लिया जाएगा और भविष्य में अनुशासन बनाए रखने सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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*👉ऐसे में अभिभावक कितने सुरक्षित*
अपने बच्चों को प्रतिष्ठित स्कूलों में पढ़ाने वाले अभिभावक इस तरह की घटनाओं से गहरी चिंता में होना लाजमी हैं। बच्चों को ऐसे स्कूलों में दाखिला यह मानकर  करते हैं कि ऐसे स्कूलों में बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा और सुरक्षित वातावरण भी मिलेगा। लेकिन जब ऐसे संस्थानों में ही हिंसक स्थिति की घटनाएं घटित होने के मामले सामने आए और उनकी जानकारी शिक्षा विभाग या पुलिस तक भी नहीं पहुंचती, तो यह अभिभावकों के लिए गंभीर चिंता का विषय जरूरत बनता है।

*जरूरी है सख्त निगरानी*
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं पर पर्दा डालने के बजाय शिक्षा विभाग और पुलिस को तत्काल सूचना दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में छात्र अनुशासनहीनता की ऐसी घटनाओं को दोहराने से पहले कई बार सोचें। साथ ही, स्कूल प्रबंधन को भी पारदर्शी तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, ताकि बच्चों की सुरक्षा और संस्थान की साख दोनों बनी रहे।
इस तरह के घटना के मामले ने यह सवाल  खड़ा कर दिया है कि क्या निजी शिक्षण संस्थान अनुशासन बनाए रखने और घटनाओं को पारदर्शी ढंग से सामने लाने में सक्षम हैं? या फिर केवल प्रतिष्ठा बचाने की कवायद तक ही सीमित रह जाते हैं।

*वर्सन*
हम उम्र के बच्चों होते है वहां कुछ ऐसी घटनाएं हो जाती है बच्चों के परिजनों को बुलाया गया था, और प्राथमिक उपचार भी दिया गया । छात्र के निलंबन को अन्य मामले में किया गया है ऐसा निदेशक का कहना है।

नीरज वाजपेयी
निदेशक
नीरज वाजपेयी इंटरनेशनल स्कूल

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इस तरह का मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है, आयेगा तो हमारा विभाग निश्चित रूप से उचित कार्यवाही करेगा।

राजू राम साहू
विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी
राजनांदगांव

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