मध्य प्रदेश

राजनीतिक नियुक्तियों के बीच मध्यप्रदेश में राज्य वित्त आयोग का गठन, जयभान सिंह पवैया बने अध्यक्ष

By Admin|20 Mar 2026, 2:04 PM
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भोपाल 

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मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद थी, अब उन्हें निगम-मंडल और आयोगों में एडजस्ट किया जा सकता है। भाजपा नेतृत्व जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियों की बड़ी सूची जारी कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, 2023 विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद भी कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों को कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई थी। ऐसे नेताओं को अब निगम-मंडल अध्यक्ष बनाकर संतुलन साधने की रणनीति बनाई जा रही है।

मध्य प्रदेश में मंडल आयोग में नियुक्तियों की शुरुआत हो गई है। मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग  राज्य वित्त आयोग के गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग में जयभान सिंह पवैया को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि केके. सिंह सदस्य और वीरेंद्र कुमार सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। अन्य सदस्यों की नियुक्ति अलग से की जाएगी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत तथा मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार राज्यपाल द्वारा नए राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है। 

इन कामों पर देगा अपनी सिफारिश
आयोग के अध्यक्ष और सदस्य अपने पद ग्रहण करने की तिथि से 31 अक्टूबर 2026 तक कार्य करेंगे। आयोग का मुख्य कार्य पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करना होगा। आयोग राज्य के करों, शुल्कों, पथकरों और फीस से प्राप्त आय के राज्य एवं स्थानीय निकायों के बीच वितरण के सिद्धांत तय करेगा। साथ ही पंचायतों और नगरीय निकायों को मिलने वाले अनुदानों, वित्तीय सुधार उपायों और संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर सुझाव देगा।

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मंत्रिमंडल के दावेदारों को मिलेगा नया मौका
भाजपा संगठन उन नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी में है, जो मंत्री पद के प्रबल दावेदार थे लेकिन कैबिनेट में शामिल नहीं हो पाए। इनमें कुछ कांग्रेस से आए विधायक भी शामिल बताए जा रहे हैं।

चर्चा में शामिल प्रमुख नामों में
गोपाल भार्गव, मालिनी, लक्ष्मण सिंह गौड़, बृजेंद्र सिंह यादव, अजय विश्नोई और अर्चना चिटनीस जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

दिल्ली तक पहुंचा मामला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे मामले पर दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah  से मुलाकात कर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को लेकर रणनीति पर विचार किया है।

 2028 चुनाव की तैयारी
भाजपा का फोकस अब 2028 के विधानसभा चुनाव पर है। पार्टी पुराने अनुभवी नेताओं और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

सूत्रों का कहना है कि यह नियुक्तियां पार्टी के भीतर असंतोष को कम करने और नेताओं को “एडजस्ट” करने के लिए की जा रही हैं।

कई महत्वपूर्ण आयोगों में खाली पद

राज्य में कई अहम आयोग लंबे समय से नेतृत्व विहीन हैं—

महिला आयोग

अनुसूचित जाति आयोग

अनुसूचित जनजाति आयोग

पिछड़ा वर्ग आयोग

अल्पसंख्यक आयोग

इन सभी में अध्यक्ष और कई पद खाली हैं, जिससे लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

कब आएगी सूची?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, चैत्र नवरात्र के बाद कभी भी निगम-मंडल और आयोगों की नियुक्तियों की सूची जारी हो सकती है।

इन मुद्दों पर भी देगा अपनी सिफारिशें 
आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय मजबूती के लिए कई अहम बिंदुओं पर अनुशंसाएं देगा, जिनमें भूमि कर एवं राजस्व के बंटवारे के प्रावधान, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले कर का हिस्सा, पंचायतों व नगरीय निकायों की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था, स्थानीय निकायों के व्यय और आय के संतुलन के उपाय, जन-सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के सुझाव और पर्यावरण संरक्षण और योजनाओं के प्रभावी संचालन के उपाय शामिल हैं। आयोग 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्ष की अवधि के लिए अपनी सिफारिशें राज्यपाल को प्रस्तुत करेगा। 

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