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CG : जल संरक्षण मे बलौदाबाजार -भाटापारा जिले की ऐतिहासिक उपलब्धि, देश के शीर्ष 10 जिलों में बनाया स्थान …

By kadwaghut|04 Sep 2026, 4:25 PM
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2 लाख 46 हजार वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण
जनभागीदारी बना जल संरक्षण का प्रभावी मॉडल

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रायपुर । वर्षा जल को सहेजने और उसे धरती के भीतर पहुंचाकर भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बलौदाबाजार -भाटापारा ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में जिला ने देश के शीर्ष 10 जिलों में स्थान बनाकर जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे नवाचारों, सामुदायिक सहभागिता और जनभागीदारी आधारित प्रयासों की जानकारी राष्ट्रीय मंच पर साझा की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन मे जिले में जल संरक्षण को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रखते हुए इसे जन आंदोलन का स्वरूप दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा “मोर गांव-मोर पानी अभियान 3.0” के अंतर्गत ग्राम पंचायतों, महिला समूहों, युवाओं, ग्रामीण समुदाय एवं विभिन्न विभागों की सहभागिता से जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर क्रियान्वित किया गया है। जिले में 2,46,488 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, लगभग 5,146.30 लाख लीटर जल संचयन क्षमता तथा 10,78,911 लोगों की प्रत्यक्ष भागीदारी दर्ज की गई है। अभियान का विस्तार 736 गांवों, 519 ग्राम पंचायतों और 9 नगरीय क्षेत्रों तक किया गया है। इस अभियान के तीसरे चरण मे जिला बलौदाबाजार -भाटापारा देश मे 8 वे स्थान पर हैं।

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जिले में प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, डबरी एवं चेकडैम निर्माण, खेत एवं सामुदायिक जल संरचनाएं, नाला उपचार, गैबियन संरचनाएं तथा अन्य भू-जल रिचार्ज गतिविधियों को प्राथमिकता दी गई है। विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवासों के साथ रूफ वाटर हार्वेस्टिंग को जोड़कर जल संरक्षण को प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। जिला प्रशासन की रणनीति का महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा है कि जल संरक्षण को “हर घर पानी घर में, मोहल्ले का पानी मोहल्ले में, खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में” की अवधारणा से जोड़ा गया। जन-जागरूकता के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जल चौपाल, रैलियां, रंगोली, दीप प्रज्वलन, महिला समूहों की गतिविधियां और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनचेतना विकसित हुई।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान जिले में प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। देश के शीर्ष 10 जिलों में बलौदाबाजार-भाटापारा का शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय संसाधनों, नवाचार और जनभागीदारी के समन्वय से जल सुरक्षा के क्षेत्र में प्रभावी एवं अनुकरणीय मॉडल विकसित किया जा सकता है।

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