राजस्थानराज्‍य

ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के अगले चरण की तैयारी, राजस्थान-डेनमार्क ने तय किए सहयोग के क्षेत्र

By Admin|28 Sep 2026, 6:39 PM
f X W

जयपुर
 मुख्य सचिव वी.निवास की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय में राजस्थान तथा डेनमार्क के द्विपक्षीय सहयोग को लेकर बैठक आयोजित हुई, जिसमें भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस अबील्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने भाग लिया। बैठक में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों तथा 'इंडिया-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के अंतर्गत विभिन्न सहयोगात्मक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

Advertisement
Advertisement

नई कार्ययोजना पर होगा आगे काम
मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2020 में स्थापित 'ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' का प्रथम पाँच-वर्षीय कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से उत्साहित होकर अब अगले पाँच वर्षों के लिए एक नए एवं उन्नत एक्शन प्लान पर कार्य किया जा रहा है, जिससे राजस्थान व डेनमार्क के बीच सहयोग के नए आयाम खुलेंगे।

ऊर्जा व जल प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग पर जोर
बैठक के दौरान बताया गया कि ऊर्जा संरक्षण व नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में पंपिंग स्टेशनों पर ऊर्जा बचत, तकनीकी नवाचार तथा ग्रिड फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया। जल प्रबंधन व नदी पुनर्जीवन के संदर्भ में जल संरक्षण, वेस्ट वाटर प्रबंधन, जल आपूर्ति की मॉनिटरिंग तथा नदियों के पुनर्जीवन के क्षेत्र में डेनमार्क के अनुभवों का लाभ उठाए जाने पर सहमति बनी।

खाद्य प्रसंस्करण व आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर चर्चा
इसके साथ ही कृषि व खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में साझेदारी को और मजबूत करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। वाटर सप्लाई मॉनिटरिंग एवं शहरी विकास के विभिन्न आयामों में भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिए जाने पर भी सहमति बनी। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने डेनमार्क प्रतिनिधिमंडल के साथ अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विचार साझा किए।

READ ALSO  खाद्य प्रसंस्करण से किसानों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे: केशव प्रसाद मौर्य
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins