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वायरल कपल मोनालिसा और फरमान की कानूनी लड़ाई तेज, MP हाईकोर्ट में सुरक्षा और न्याय की मांग

By Admin|20 May 2026, 3:41 PM
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खरगोन 

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प्रयागराज महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा और उसके पति फरमान खान ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया है. दंपति ने आरोप लगाया कि उनकी अंतर-धार्मिक शादी को अपराध साबित करने के लिए उनके जन्म प्रमाण पत्र में हेराफेरी की गई है. इसलिए, दंपति ने इंदौर बेंच में याचिका दायर उनके जन्म प्रमाण पत्र को बहाल करने और सरकारी दस्तावेजों में की गई हेराफेरी की स्वतंत्र जांच करने की मांग की है। 

याचिका में दावा किया गया कि मोनालिसा भोसले बालिग है. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार उसकी जन्म तिथि लगातार 1 जनवरी, 2008 दर्ज है. याचिका में कहा गया कि उसकी उम्र को लेकर विवाद तब शुरू हुआ, जब उसने फरमान खान से शादी की. दंपति का आरोप है कि बाद में मोनालिसा को नाबालिग दिखाने के लिए झूठे दस्तावेज तैयार किए गए। 

केरल में हुई थी शादी
याचिका के अनुसार, मोनालिसा और फरमान की मुलाकात केरल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी. दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया. मार्च 2026 में मोनालिसा अपने रिश्तेदारों के साथ दोबारा केरल गई. वहां शादी के प्रस्ताव पर असहमति होने के बाद, उसने तिरुवनंतपुरम के थंपानूर पुलिस स्टेशन में अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। 

11 मार्च को की शादी
केरल पुलिस ने उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र को सरकारी पोर्टल से सत्यापित किया और उन्हें बालिग पाया. इसके बाद, दोनों ने 11 मार्च, 2026 को पूवार के अरुमानूर नायरन देवा मंदिर में शादी कर ली. इस शादी का पंजीकरण केरल विवाह पंजीकरण नियम, 2008 के तहत कराया गया। 

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दंपति ने याचिका में लगाए ये आरोप
याचिका में आरोप लगाया कि मोनालिसा के पिता ने मध्य प्रदेश लौटकर नगर पंचायत महेश्वर द्वारा जारी असली जन्म प्रमाण पत्र को अवैध रूप से रद्द करवा दिया. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि फरमान के खिलाफ आपराधिक मामला बनाने के लिए अधिकारियों के सामने जाली रिकॉर्ड पेश किए गए. दंपति ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया और टीवी पर फरमान को ‘आतंकवादी’ बताया गया और शादी को ‘लव जिहाद’ का नाम दिया गया. इन धमकियों के कारण उन्हें केरल में बार-बार अपनी जगह बदलनी पड़ी। 

बता दें, यह याचिका वकील बीएल नागर, सुभाष चंद्रन केआर और अनिरुद्ध केपी के माध्यम से दायर की गई है. केरल हाई कोर्ट ने 23 मार्च, 2026 को इस जोड़े को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी. अब इंदौर हाईकोर्ट में इस मामले पर जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है। 

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